बरेली। हाल के दिनों में शिकायतों का निस्तारण नहीं होने की वजह से नाराज शिकायतकर्ताओं के टावर पर चढ़ने, आत्मदाह की कोशिश करने के मामले बढ़े हैं। वजह बेहद चौंकाने वाली है। दरअसल, छोटे-छोटे मामलों में सुनवाई नहीं होने से शिकायतकर्ताओं में आक्रोश पनप रहा है। सड़क, जमीन, बिजली और पानी जैसे बुनियादी मामलों से जुड़ीं छोटी-छोटी समस्याएं तिल का ताड़ बन जा रही हैं। सप्ताहभर में जिला मुख्यालय आकर आत्मदाह की कोशिश करने के दो मामले सामने आए। दोनों ही मामलों के निचोड़ में कहा जा सकता है कि निचले स्तर पर सुनवाई ठीक से नहीं हो रही। यही वजह है जो कलक्ट्रेट, एसएसपी दफ्तर, नगर निगम समेत कई और संस्थानों में लोग बरसों से चक्कर काट रहे हैं। अलग-अलग विभागों और अलग-अलग जगहों से हमारे संवाददाताओं ने इसी तरह के पीड़ितों से बात की जो अपनी समस्याओं को लेकर दफ्तर-दफ्तर घूम रहे हैं। पेश है हकीकत बयां करती रिपोर्ट...।
शौहर ने दूसरी शादी कर हथियाया मकान, बीवी परेशान
एजाज नगर गौटिया निवासी परवीन शुक्रवार दोपहर एसएसपी दफ्तर के फरियादी कक्ष में बैठी अपनी बारी आने का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में उनका निकाह हुआ था। शौहर ने उन्हें तलाक दिए बिना बिहार की महिला से दूसरी शादी कर ली और पंजाब चला गया। उन्होंने अपनी मेहनत और मायके से रकम लाकर जो दो मकान बनाए, उनमें रह रहे किरायेदारों से भी शौहर ही किराया वसूल रहा है। दो प्लॉट भी शौहर के कब्जे में हैं। वह चाहती हैं कि शौहर के खिलाफ कार्रवाई हो और उन्हें संपत्ति का हक मिले। इसी उधेड़बुन में करीब दो साल से अधिकारियों के यहां शिकायतें कर रही हैं, पर आज तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
दस साल से परेशान रामप्रकाश बोले- मुझे नहीं चाहिए जमीन
फतेहगंज पूर्वी निवासी रामप्रकाश दस साल से पारिवारिक विवाद झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में जमीन के बंटवारे का विवाद चल रहा है। ऐसा कोई तहसील दिवस या थाना दिवस नहीं होता, जहां वह फरियाद नहीं करते। उनकी 25 बीघा जमीन पर कुनबे के लोगों का कब्जा है। चक्कर काटते-काटते वह इस कदर परेशान हो चुके हैं कि अपनी जमीन गोशाला और मंदिर को दान करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास सब कुछ वैध होने के बाद भी कब्जा नहीं छूट रहा है। प्रशासनिक व्यवस्था से थक हारकर अब वह न्यायालय की शरण में जा रहे हैं।
परिवार के लोगों ने कब्जाया घर, महिला परेशान
शाहबाद मोहल्ला निवासी राजेंद्री अग्निहोत्री डीएम कार्यालय के बाहर कागज लिए घूमती मिलीं। उन्होंने बताया कि पति नोएडा में प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह पुश्तैनी मकान में बच्चों के साथ रहती हैं। उनके मकान का एक हिस्सा बगिया के रूप में था। आरोप लगाया कि देवर आदि ने बगिया समेत मकान के अधिकतर हिस्से पर कब्जा कर लिया है और तोड़फोड़ कर नया मकान बनवा रहे हैं। कई साल से वह अपना हिस्सा लेने के लिए दौड़ रही हैं। बावजूद किसी स्तर पर सुनवाई नहीं की जा रही है।