चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्ति देने पर विचार किया जाए
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की खंडपीठ ने विमल कुमार की विशेष अपील को स्वीकार करते हुए दिया है। अपील पर राज्य सरकार के अधिवक्ता राजीव सिंह ने पक्ष रखा। मालूम हो कि याची के पिता की सरकारी नौकरी में सेवारत रहते हुए मौत हो गई। याची को तृतीय श्रेणी पद की नियुक्ति योग्यता रखने के कारण कनिष्ठ लिपिक पद पर नियुक्ति दी गई। शर्त यह थी कि उसे टाइप टेस्ट पास करना होगा। दो मौका मिलेगा। दो साल में टेस्ट पास नहीं हुआए तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
याची दो मौका मिलने के बावजूद टेस्ट पास नहीं कर सका। उसे हटा दिया गया। उसने कहा कि उसे चपरासी नियुक्त कर लिया जाए किन्तु सुनवाई नहीं हुई। हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एकलपीठ ने याचिका खारिज कर दी। जिसे अपील में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि याची को चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्ति देने पर विचार किया जाए।