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सत्ता का संग्राम : बेरोजगारों के दर्द को नहीं समझ रही सरकार, सिर्फ चुनाव में किया जाता है रोजगार का वादा

Sat, 04 May 2024 04:47 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

न्यू कटरा में समिया माई पार्क में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रतियोगी छात्रों ने सरकार को युवाओं के मुद्दे पर बुरी तरह से असफल बताया। कहा कि लाखों की संख्या में पद रिक्त पड़े हुए हैं। सरकार युवाओं को नौकरी देना नहीं चाहती है। 
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अमर उजाला के सत्ता संग्राम कार्यक्रम में अपने विचार रखते प्रतियोगी छात्र। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव में जनता का मूड़ जानने के लिए निकली अमर उजाला सत्ता का संग्राम रथ यात्रा शुक्रवार को दूसरे चरण के के वार्ता में युवाओं से संवाद स्थापित किया। न्यू कटरा में समिया माई पार्क में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रतियोगी छात्रों ने सरकार को युवाओं के मुद्दे पर बुरी तरह से असफल बताया। कहा कि लाखों की संख्या में पद रिक्त पड़े हुए हैं। सरकार युवाओं को नौकरी देना नहीं चाहती है। 
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प्रतियोगी छात्र विक्की खान ने कहा कि पहले तो भर्ती निकलती नहीं है, जब निकलती है तो पेपर लीक हो जाता है। कोई भी भर्ती अंजाम तक नहीं पहुंच रही है। युवाओं के सपनों को पैरो तले कुचला जा रहा है। गांव से आकर गरीब मां बाप के बच्चे दस बाई दस के कमरे में पूरी जवानी खपा देते हैं और उनके हाथ सिर्फ निराशा ही लगती है और वह गांव और समाज में हंसी का पात्र बन जाते हैं। मां बापा और परिवार के सपने बिखर जाते हैं। युवा अवसाद में चला जाता है और गलत कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाता है।

कहा कि बेसिस शिक्षा मंत्री ने सदन में कहा है कि शिक्षक सरप्लस हो गए हैं, इसलिए भर्ती नहीं होगी। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने भी अधिक शिक्षक होने बात सदन में बताई। जीआईसी में शिक्षक भर्ती 18 साल पहले आई थी। उसके बाद से नहीं आई। प्राथमिक विद्यालय में छह साल पहले भर्ती निकली थी। 
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प्रतियोगी छात्र अंजनी कुमार कहा कि पहले तो भर्ती नहीं निकली और जब आती है तो कोर्ट में फंस जाती है। कोई भी पार्टी युवाओं के लिए बात नहीं करता है। सिर्फ चुनाव के समय मुद्दा उठाया जाता है। पढ़ने वाले पीछे रह जाते हैं और सेटिंग करने वाले आगे निकल जाते हैं। 

संदीप कुशवाहा ने कहा कि आरओ एआरओ पेपर लीक के बाद परीक्षा निरस्त करने की मांग करने वाले छात्रों को पुलिस और एसटीएफ से टॉर्चर कराया गया। सुबूत देने वाले प्रतियोगी छात्र को ही आरोपी माना गया और कहा गया कि वही आरोपी हैं। इसी तरह प्रियांशू विद्रोही, नवनीत कुमार और कृपाशंकरने कहा कि सरकार युवाओं के साथ अन्याय कर रही है। युवाओं की मंशा सरकार को नौकरी देने की नहीं है। नौकरी देने वाले रेलवे सहित अन्य संस्थाओं का निजीकरण किया जा रहा है। लोको पाइलट की भारी कमी है बावजूद तीन हजार की रिक्तियां निकाली गईं। 
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