हाईकोर्ट ने छह माह पूर्व दिए अपने निर्देशों के अनुपालन पर मुख्य सचिव से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सूबे की चिकित्सा व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों की हालत सुधारने के लिए व्यापक दिशा निर्देश दिए थे। कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों को सरकारी अस्पताल में ही इलाज कराने तथा अस्पतालों में वीआईपी कल्चर समाप्त करने का आदेश दिया था। यह भी निर्देश दिया था कि छह माह बाद में इन निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट दाखिल की जाए। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि 30 अक्तूबर को इस दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दें।
स्नेहलता सिंह और अन्य की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। इससे पूर्व नौ मार्च 2018 के आदेश में हाईकोर्ट ने चिकित्सा व्यवस्था सुधारने और मरीजों की सहूलियत सहित अस्पतालों का नियमित ऑडिट करने सहित कई निर्देश दिए थे। कोर्ट ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे और मोतीलाल नेहरू मेडिकल के प्राचार्य डा. एसपी सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के लिए उनको कारण बताओ नोटिस दिया था। बाद में इस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी, मगर चिकित्सा व्यवस्था सुधारने के लिए दिए तमाम निर्देशों का अनुपालन होना था।