फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देव दीपावली पर दीपों से जगमगाए घाट, सजी रंगोली

Sat, 24 Nov 2018 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
विज्ञापन
प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
विज्ञापन
कार्तिक पूर्णिमा पर शुक्रवार को संगम की रेती से लेकर पूरे शहर तक देवदीपावली का पर्व श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक मनाया गया। यमुना किनारे बरगद घाट से लेकर बलुआघाट, गऊघाट, बोट क्लब, किलाघाट, संगम, रामघाट, दशाश्वमेध घाट, सलोरी, द्रौपदी घाट, अरैल घाट आदि हजारों दीपों की आभा से जगमगाए तो विविधतापूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गंगा गीत गूंजे। भजनों से देवों की महिमा बखानी गई।
विज्ञापन


जुटे लोगों ने तुलसी पूजन, दीपदान के साथ ही संगम सहित गंगा, यमुना की आरती भी उतारी। दीपों से ही ऊं, स्वास्तिक, कुंभ आदि लिखे, उकेरे गए। देवदीपावली पर घरों में भी दीपों के साथ ही बिजली की झालरों से आकर्षक सजावट की गई। पर्व के उत्सव में पूरे उल्लास के साथ शहरियों ने भागीदारी की तो संगम की ओर जाने वाले रास्तों पर जाम की स्थिति भी बनी।

हरिहर गंगा आरती समिति की ओर से रामघाट पर हुए समारोह में महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रामसेवक एवं सचिव महंत यमुनापुरी ने महाआरती उतारी। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने आशीर्वचन दिया। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर आरती उतारी। शानदार आतिशबाजी से आकाश इंद्रधनुषी हुआ। संयोजक अवधेश चंद्र गुप्ता ने सभी को निर्मल गंगा के लिए शपथ भी दिलाई। संयोजन हरिहर आरती व नमामि गंगे के अध्यक्ष सुरेश चन्द्र ने किया। कार्यक्रम में विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, नरेंद्र मौर्या, संजय निषाद, प्रमोद पांडेय, रेनू मिश्रा, लालजी यादव, तारा सिंह, मिठाई लाल आदि शमिल थे।
विज्ञापन


हरिहर आरती समिति की सांगीतिक संध्या में प्रयागराज के ही गायक सूर्य प्रकाश दुबे के संयोजन, निर्देशन में मुंबई के राधे-राधे रॉक बैंड ने धूम मचाई। उन्होंने ‘मेरी मैया ने ऐसा करम कर दिया’ से शुरुआत करके समा बांधा। फिर ‘जब से सावरे ने पकड़ा मेरा हाथ हो गई मेरी बल्ले बल्ले’, ‘गंगा यमुना सरस्वती की पावन नगरी में होता रास’,‘मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है’जैसे गीतों से भावविभोर किया। नैंसी तिवारी, पूजा छाबड़ा के साथ सूर्यप्रकाश ने ‘बम बम भोले नाथ की पूजा करेंगे हम’ भजन सुनाकर मोहा। ‘दमा दम मस्त कलंदर और मैया मोरे अंगना दरस दिखा जा’ जैसे भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य भी किया। सत्या ने बैंड का संचालन किया।

जिला प्रशासन एवं कुंभ मेला प्रशासन की ओर से संगम नोज पर देव दीपावली उत्सव मनाया गया। आरती, दीपदान में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति विनीत सरन, एडीजी जोन एसएन साबत, मंडलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल, जिलाधिकारी सुहास एलवाई, कुंभ मेला अधिकारी विजय किरन आनंद, डीआईजी कुम्भ केपी सिंह, एसएसपी नितिन तिवारी समेत अनेक प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। अनेक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी मौजूदगी दर्ज कराई। देव दीपावली पर विविधतापूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।

कार्तिक महोत्सव के समापन पर शुक्रवार को कार्तिक महोत्सव आयोजन समिति की ओर से बलुआघाट बारादरी पर दीपपर्व उत्सव मनाया गया। यमुना की भव्य संध्या आरती उतारी गई तो बारादरी की सीढ़ियों से लेकर नाव तक में दीप जलाए गए। तकरीबन ग्यारह हजार दीपों से घाट जगमगाए। वहीं रंगोली की आकर्षक सजावाट की गई। सांस्कृतिक केन्द्र के सहयोग से मथुरा के कलाकारों की ओर से मयूर नृत्य. लठमार होली, फूलों की होली संग कान्हा की रास लीला का मनोहारी मंचन किया गया। शानदार आतिशबाजी से कार्यक्रम का समापन हुआ। समारोह के दौरान कार्तिक मेले में आरती उतारने और सहयोग करने वालों को सम्मानित भी किया गया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष महेन्द्र पाण्डेय, अनिल हांडा, विजय वैश्य,सुरेन्द्र सिंह, कृष्ण कुमार पांडेय, मुन्नू लाल रस्तोगी,   प्रवीन केसरवानी, राज अग्रहरि, कृष अग्रहरि, रामचन्द्र केसरवानी, बीआर शास्त्री, लल्लू केसरवानी, नरोत्तम केसरवानी, गोपाल कृष्ण पांडेय, सालिक राम, शिवनाथ आदि मौजूद थे।

देवदीपावली पर दारागंज स्थित नागवासुकि मंदिर परिसर दीपों की आभा से जगमगाया। नागवासुकि मंदिर समिति और प्रयागराज सेवा समिति की ओर से महाआरती उतारी गई। साथ ही संगम को विश्व धरोहर का दर्जा देने के लिए नागवासुकि से प्रार्थना की गई, दीप जलाए गए। नागवासुकि फूलों से सजे। वहीं गायक रत्नेश दुबे और साथियों ने भजन सुनाकर तालियां बटोरीं। भारतीय जनता पार्टी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की ओर से नागवासुकि मंदिर से लेकर संगम तक प्रकोष्ठ के सदस्यों के दीप से दीप जलाए गए। कामना की गई कि प्रयागराज की देव दीपावली भी विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को की सूची में शामिल हो। प्रकोष्ठ के महानगर संयोजक तीर्थराज पांडे ‘बच्चा भैया’ सहित शिव बरन मिश्र. फूल चंद दुबे, धर्मराज पांडे रामजी पांडे अंशुमान त्रिपाठी रवि त्रिपाठी सीपी सिंह मृत्युंजय तिवारी अनुपमा पांडे आद्रि शामिल थीं। सहसंयोजिका डॉ. आभा मधुर ने सभी के प्रति आभार जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें