इलाहाबाद। जिगर के टुकड़े की बीमारी से हारी गरीब मां को जब कुछ न सूझा तो उसने अपने लाल को उसकी तकदीर के हवाले छोड़ देने का फैसला लिया। हम बात कर रहे हैं उस मासूम की जिसे आरपीएफ ने बृहस्पतिवार शाम इलाहाबाद जंक्शन से गोदान एक्सप्रेस की एसएलआर कोच से बरामद किया। बीमार, कमजोर पड़े बच्चे को देखकर आरपीएफ और जीआरपी के जवानों का दिल भी भर आया। उन्होंने इलाज के लिए उसे तुरंत रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। अनुमान है कि बच्चे की बीमारी से हारी किसी दुखियारी मां ने उसे ट्रेन में छोड़ा होगा। हालांकि कि यह एक कयास ही है। कयोंकि लगभग एक साल का यह मासूम आप-बीती तो बता नहीं सकता।
इलाहाबाद जंक्शन पर गोदान एक्सप्रेस बृहस्पतिवार शाम प्लेटफार्म नंबर आठ पर खड़ी हुई। आरपीएफ को कंट्रोल रूम के जरिए सूचना मिली कि मुंबई से छपरा जाने वाली गोदान एक्सप्रेस के एसएलआर कोच में मासूम बच्चा पड़ा है। कंट्रोल से मिली सूचना पर आरपीएफ ने गार्ड के बगल वाले एसएलआर कोच से बच्चे को उतारा। मासूम की उम्र लगभग एक साल रही होगी। वह काफी दुबला-पतला है। वह बीमार भी है।
मासूम की हालत देख जवानों ने उसे रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। जीआरपी के मुताबिक आशंका है किसी महिला ने जानबूझकर बच्चे को कोच में छोड़ा है। आशंका है कि महिला गरीबी के चलते बच्चे का भरण-पोषण नहीं कर पा रही होगी। जिसके चलते उसने बेबसी में बच्चे को ट्रेन में छोड़ दिया। हालांकि पुलिस की थ्योरी गले के नीचे इसलिए नहीं उतर रही क्योंकि एक मां अपने बच्चे को जो इतना बीमार हो अपने से दूर किसी हालत में नहीं कर सकती। यह भी संभव है कि बच्चे के इलाज में असमर्थ बाप ने ही मो की गैरजानकारी में बच्चे को ट्रेन के डिब्बे में छोड़ दिया हो या यह भी संभव है कि बच्चे के साथ मो भी रही हो और महिला ट्रेन में किसी अनहोनी का शिकार हो गई हो। फिलहाल बच्चे का रेलवे अस्पताल में इलाज चल रहा है।