भगवान विष्णु इसी माह क्षीरसागर में शयन के लिए चले जाएंगे। पांच महीने शयन के दौरान सनातन संस्कृति के तहत होने वाले सभी मांगलिक कार्य स्थगित हो जाएंगे। इसी के साथ साधु-संतों ने चातुर्मास व्रत की तैयारी भी आरंभ कर दी है। देव शयनी एकादशी के बाद चातुर्मास व्रत आरंभ होगा। इस बार दो सावन पड़ेंगे।
सनातन धर्म के सभी मांगलिक कार्य 29 जून से पांच माह के लिए स्थगित हो जाएंगे। इसलिए, 29 जून से जहां, चातुर्मास शुरू होने जा रहा है, वहीं भगवान लक्ष्मी नारायण देव शयन में चले जाएंगे। 30 अक्तूबर तक भगवान शयन में रहेंगे। ऐसे में देवोत्थान एकादशी यानी एक नवंबर से मांगलिक कार्य फिर आरंभ होंगे। इस दौरान सभी संत-महात्मा शिष्यों सहित अपने आश्रमों में रहकर जप-तप, भजन और भंडारा करेंगे।
अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विश्वनाथ धाम दंडी आश्रम वृंदावन के पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्माश्रम महाराज ने चातुर्मास व्रत की तैयारी आरंभ कर दी है। वह बताते हैं कि इस बार दो सावन पड़ रहे हैं। ऐसे में चातुर्मास पांच महीने का होगा।