इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। कुलपति ने विधि विभाग की छत की वॉटर प्रूफिंग व मरम्मत और जीएन झा हॉस्टल की मरम्मत के कार्य को भी मंजूरी दी है। दोनों कार्य वर्षा ऋतु के बाद प्राथमिकता के आधार पर शुरू किए जाएंगे।
यह बैठक सभी संकायों के अधिष्ठाता और विभागाध्यक्षों के साथ नॉर्थ हॉल में संपन्न हुई। कुलपति ने बताया कि नए सत्र की शुरुआत में कैंपस की साफ-सफाई और घास की छंटाई का कार्य प्रगति पर है।
विश्वविद्यालय में कई नई विभागों की इमारतें, एक ऑडिटोरियम और चार नए हॉस्टल भी बनवाए गए हैं। पिछले पांच वर्षों में अधिकांश विभागों की मरम्मत और पुताई का काम पूरा किया जा चुका है। कुलपति ने विश्वविद्यालय को बेहतरीन शिक्षा और रिसर्च के साथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की बात कही।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में इस समय 500 से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। इसके लिए शिक्षकों को कटिंग एज विषयों पर रिसर्च करना आवश्यक है। उन्हें नए प्रोजेक्ट और शोध निर्देशन पर भी ध्यान केंद्रित करने को कहा गया। कुलपति ने शिक्षकों के लिए ध्यानचंद एक्टिविटी सेंटर की सुविधा की जानकारी दी। यह सेंटर प्रतिदिन शाम 3:30 बजे से 5:30 बजे तक सभी शिक्षकों के उपयोग के लिए खुला रहेगा।