जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों को सफर के दौरान किस तरह की परेशानी आती है। कौन सी प्रमुख समस्याएं हैं। इसमें सुधार की गुंजाइश क्या है। इन्हीं सब बातों को लेकर उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने अफसरों के साथ शनिवार को जनरल कोच में सफर किया। मंडुवाडीह-नई दिल्ली एक्सप्रेस से सफर पर निकले महाप्रबंधक ने यात्रा के दौरान यात्रियों से फीडबैक भी लिया और तमाम समस्याओं पर यात्रियों से फीडबैक फार्म भी भरवाया। ताकि बोर्ड स्तर पर यात्रियों की समस्या का समाधान किया जा सके। इस दौरान जोन के कई अन्य अफसरों ने भी तमाम ट्रेनों के जनरल, स्लीपर, महिला एवं विकलांग कोचों में सफर कर यात्रियों का फीडबैक लिया।
एनसीआर में 26 मई से रेल हमसफर सप्ताह मनाया जा रहा है। इस सप्ताह के तीसरे दिन जीएम अरुण सक्सेना गाड़ी संख्या 12581 मंडुवाडीह-नई दिल्ली एक्सप्रेस में सवार हो गए। वे बारी-बारी से इस ट्रेन के जनरल, महिला, विकलांग एवं स्लीपर कोच में गए। इस दौरान उन्होंने सफर कर रहे कई यात्रियों से बातचीत की। यात्रा के दौरान उनकी परेशानियों के बारे में भी पूछा। यात्रियों से फीडबैक फार्म भी भरवाए। ज्यादातर यात्रियों में ट्रेन में जनरल कोचों की कमी एवं उसमें होने वाली भीड़ के बारे में उन्हें बताया। महाप्रबंधक ने उन्हें आश्वस्त किया कि बोर्ड स्तर पर इस मामले में विचार चल रहा है कि यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिले।
उधर डीआरएम इलाहाबाद एसके पंकज, डीसीएम पीपी लाठे आदि ने गाड़ी संख्या 12816 नंदन कानन एक्सप्रेस से इलाहाबाद से मुगलसराय तक एवं मंडल यातायात प्रबंधक राजेंद्र कुमार ने गोमती एक्सप्रेस से यात्रा कर यात्रियों का फीडबैक लिया। एनसीआर के सीपीआरओ बिजय कुमार के मुताबिक यात्रियों का फीडबैक रेलवे मंत्रालय को भेजा जाएगा। फीडबैक के आधार पर यात्रियों की समस्या का समाधान रेलवे करेगा। जोनल एवं मंडल स्तर पर ही अगर कोई समस्या है तो उसे एनसीआर प्रशासन अपने स्तर पर दुरुस्त करेगा।
केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) में हमसफर सप्ताह के अंतर्गत शनिवार को संकल्प दिवस मनाया गया। इस मौके पर कोर महाप्रबंधक महेश मंगल की अगुवाई में सेमिनार हुआ। सेमिनार में उत्पादकता एवं गुणवत्ता में सुधार कैसे हो, इस पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर कोर के सभी प्रमुख विभागाध्यक्ष एवं अफसर मौजूद रहे।