नौकरी छिन जाने से वह बेहद परेशान थी। शुक्रवार शाम करीब चार बजे वह अपने प्रेमी के साथ काम खोजने निकली थी। उसने फोन कर बताया भी कि दीदी काम मिल गया है। तुम अपने कमरे पर चली जाओ, हमें आने में देर हो जाएगी। इसके बाद वह अपने घर चली गईं। शनिवार सुबह सोनल को फोन किया तो उसने नहीं उठाया। दोपहर करीब 12 बजे उसके प्रेमी ने फोन पर बताया कि सोनल फोन नहीं उठा रही है। उसके कमरे पर जाकर देखिए, वह कहां है।
इसके बाद छोटी बहन की मकान मालकिन को फोन किया। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया। जवाब नहीं मिलने की सूचना पर बड़ी बहन पति के साथ वहां पहुंची। रोशनदान से देखने पर सोनल दुपट्टे के फंदे से पंखे पर लटकी हुई थी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को उतारा। बहन ने आरोप लगाया कि संतोष तिवारी आए दिन उसे प्रताड़ित करता था। बहन की सैलरी भी छीन लेता था। तुरंत कॉल न उठाए तो किसी और से बातचीत करने का आरोप लगाकर उसे टॉर्चर करता था। इसी से तंग आकर उसने जान दे दी।
तड़के गुडमॉर्निंग-गुडनाइट बोलकर काटा था फोन
प्रेमी संतोष तिवारी का कहना है कि सोनल की नौकरी उसके कारण नहीं गई। यह सही है कि नौकरी न मिलने से वह परेशान थी। उसने बड़ी बहन के आरोपों को गलत बताया। उसका कहना है कि आठ महीने से उसका सोनल से रिश्ता था। शनिवार तड़के 5:18 बजे अंतिम बार उसकी फोन पर बात हुई थी। उसने गुडनाइट व गुडमॉर्निंग बोलकर फोन काटा था। बकौल संतोष, सोनल ने उसे बताया था कि घरवालों ने 17 साल की उम्र में गुजरात के एक युवक से उसकी शादी कर दी थी। उससे एक बेटी भी हुई। बेटी को छोड़कर सोनल वह रिश्ता तोड़कर घर लौट आई थी।