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यूपी बोर्ड के रिजल्ट में जीआईसी फिसड्डी

Mon, 16 May 2016 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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जीआईसी चंपावत - फोटो : अमर उजाला
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यूपी बोर्ड की ओर से रविवार को घोषित परिणाम में निजी कालेजों ने राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों को काफी पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश और जिले की मेरिट में तो निजी संस्थान के विद्यार्थियों का पूरी तरह से कब्जा है। निजी कालेजों की तुलना में राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों का हाईस्कूल का परिणाम काफी खराब रहा। बोर्ड की ओर से जारी मेरिट लिस्ट में प्रथम पांच स्थानों पर निजी कालेजों के विद्यार्थी ही हैं। हाईस्कूल में प्रथम पांच स्थानों पर रहने वाले  आठ विद्यार्थी भी निजी कालेजाें के हैं। यही स्थिति इंटरमीडिएट में भी है। इंटर की प्रथम पांच की मेरिट में शामिल 11 विद्यार्थी भी राजकीय और सहायता प्राप्त इंटर कालेजों के नहीं हैं।
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बोर्ड के निदेशक अमरनाथ वर्मा मानते हैं, मेरिट में राजकीय और सहायता प्राप्त कालेजों का कोई भी विद्यार्थी शामिल नहीं है। इलाहाबाद में भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की टॉप 10 की मेरिट में जीआईसी और जीजीआईसी का कोई परीक्षार्थी शामिल नहीं है। हालांकि सहायता प्राप्त सीएवी इंटर कालेज, सेंट एंथोनी गर्ल्स इंटर कालेज के परीक्षार्थी इलाहाबाद की मेरिट लिस्ट में हैं।

पूरे प्रदेश का परिणाम देखें तो हाईस्कूल में राजकीय इंटर कालेजों का उत्तीर्ण प्रतिशत मात्र 81.87 फीसदी रहा। इनमें पंजीकृत 1,30,847 में से 1,25,431 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल और 1,02,688 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। सहायता प्राप्त विद्यालयों में कुल 9,07,006 विद्यार्थी पंजीकृत थे जिसमें से 8,68,029 परीक्षार्थियो में से 84.39 यानी 7,32,511 उत्तीर्ण हुए। वहीं निजी कालेजाें का परिणाम 89.80 प्रतिशत रहा। निजी कालेजों में पंजीकृत कुल 26,08,949 में से परीक्षा में 21,79,290 परीक्षार्थी शामिल और 19,56,897 परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए।
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गौर करने वाली बात यह भी है कि हाईस्कूल की परीक्षा में प्रदेश में कुल 1903 राजकीय विद्यालयों में से 30 विद्यालय और सहायता प्राप्त 4,556 में से दो कालेजों का परीक्षा परिणाम 20 फीसदी से भी कम है। वहीं 16,709 निजी स्कूलों के विद्यार्थी हाईस्कूल की परीक्षा में शामिल हुए जिसमें से 18 स्कूलों का रिजल्ट 20 प्रतिशत से कम रहा।

हालांकि इंटरमीडिएट में राजकीय और सहायता प्राप्त कालेजों का परिणाम निजी विद्यालयों की तुलना में बेहतर है। राजकीय कालेजों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.65 तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों का 93.06 फीसदी रहा। निजी कालेजों का उत्तीर्ण प्रतिशत 85.56 है। कुल 654 राजकीय इंटर कालेजों में किसी का परिणाम 20 से कम नहीं है। सहायता प्राप्त 4025 में से दो का रिजल्ट 20 फीसदी से कम है। वहीं 8832 निजी कालेजों में 29 का रिजल्ट 20 प्रतिशत से कम है।
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