साथी कर्मचारियों ने जताया आक्रोश
इसी बीच रामबाग स्टेशन से रवाना हुई विभूति एक्सप्रेस ने भी योगेंद्र के शव को रौंद दिया। इसके बाद सराय इनायत थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए शव को रवाना किया। योगेंद्र दो भाइयों में छोटे और अविवाहित थे। बेटे की मौत से मां मीरा देवी का रो-रोकर बुरा हो गया।
उधर, घटना की जानकारी पर योगेंद्र के साथी कर्मचारी आक्रोशित हो गए। कर्मचारियों के अनुसार गैंगमैन को प्रमोशन के बाद कीमैन बनाया जाता है। इन्हें ट्रैक की पेट्रोलिंग की ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन विभाग ने लापरवाही करते हुए गैंगमैन को बिना किसी ट्रेनिंग के ट्रैक पर उतार दिया।
इसी तरह कई अन्य गैंगमैन को भी कीमैन की ड्यूटी पर जबरन भेज दिया जाता है। दूसरी ओर वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार का कहना है कि घटना के थोड़ी देर बाद गैंगमैन का शव रेल ट्रैक से हटा दिया गया था। उसके बाद ही विभूति एक्सप्रेस को वहां से निकाला गया।