मंदिर के सामने धर्मशाला व शिवमन्दिर का भी निर्माण कराया था और महा निर्वाणी अखाड़ा को सौंप दिया। धर्मशाला व शिवमन्दिर भवन संख्या 703दारागंज है। जिसमें पुलिस चौकी स्थापित की गई है। वर्तमान यह मंदिर प्रयाग के 12माधवों में प्रमुख हैं। मान्यता है कि त्रिवेणी स्नान का पूर्ण फल बिना माधव दर्शन के नहीं प्राप्त होता। शर्मा का कहना है कि मंदिर में पूर्व महंत की कोरोना काल में विरोध के बावजूद समाधि बना ली गई है। जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई गई है।
वादी ने अदालत से अमीन भेजकर आरोप का सत्यापन कराने तथा परिक्रमा मार्ग से भू समाधि हटाई जाय।क्यों कि वर्तमान महंत विभा तिवारी व मंदिर प्रशासक कमेटी मंदिर का प्रबंधन कर रही है।महंत द्वारा अपने पिता पूर्व महंत ओंकार गिरी को मंदिर में समाधिस्थ कर श्रद्धालुओं की भावना को ठेस पहुंचाया है। अदालत ने सिविल वाद में अमीन नियुक्त कर स्थलीय निरीक्षण की वादी की अर्जी 13ग स्वीकार कर ली ।और अमीन को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।