गंगा-यमुना में रविवार को उफान के बाद तटीय कछार के कई इलाके बाढ़ से घिर गए। देर शाम गंगा लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गईं। लेटे हनुमान को गंगा स्नान के साथ ही किला मार्ग डूब गया। सैकड़ों दुकानदारों ने बांध पर दुकानें लगा लगा लीं। झोपड़पट्टियों से गृहस्थी समेट कर लोग परेड ग्राउंड के अलावा आसपास के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने लगे हैं। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एलर्ट जारी कर दिया है।
कानपुर बैराज से रविवार को फिर 4.16 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने से मुश्किल बढ़ गई है। इस दिन गंगा-यमुना तीन सेमी. प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ती रहीं। शाम चार बजे गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 81.72 मीटर और छतनाग में 80.71 मीटर रिकार्ड किया गया। जबकि यमुना का जलस्तर 81.30 मीटर पर पहुंच गया। बाढ़ प्रखंड के एक्सईएन मनोज कुमार सिंह के मुताबिक कानपुर बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। फिलहाल अगले 48 घंटे तक गंगा के जल स्तर में वृद्धि जारी रहने के आसार हैं। गंगा-यमुना के जलस्तर में तेजी से वृद्धि के चलते कछारी इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चांदपुर-सलोरी, बघाड़ा, दारागंज, बेली, राजपुर, गंगापुर के कछार में बने घरों के आसपास बाढ़ का पानी पहुंच गया है। लोग सुरक्षित स्थानों पर ठिकाना तलाशने और सामान परिचितों, रिश्तेदारों के यहां पहुंचाने लगे हैं।
जल स्तर:
खतरे का निशान- 84.730 मीटर
गंगा
फाफामऊ- 81.720 मीटर
छतनाग- 80.710 मीटर
यमुना
नैनी- 81.300 मीटर
इनसेट
लेटे हनुमान में गंगा की स्तुति, गूंजे जयकारे
इलाहाबाद। रविवार शाम लेटे हनुमान के मंदिर में गंगा के प्रवेश करने के साथ ही गगनभेदी जयकारे गूंजने लगे। हर किसी को मां गंगा की लहरों से हनुमत लला के स्नान का इंतजार था। इस दौरान सैकड़ों की तादात में श्रद्धालुओं के बीच बाघंबरी गद्दी मठ के पीठाधीश्वर और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने मां गंगा की स्तुति की। सविधि आरती उतारी गई। इस दौरान लेटे हनुमान में गंगा दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।