देश के सबसे लंबे प्रयागराज-मेरठ गंगा एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। यह एक्सप्रेस वे जिले के 20 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके लिए प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर ली गई है। इन किसानों की सहमति से गंगा एक्सप्रेस वे के लिए यूपीडा की ओर से भूमि खरीदी जाएगी।
इस परियोजना से सोरांव तहसील के जूड़ापुर दांदू से लेकर पश्चिमनारा तक के कुल 20 गांवों के किसान प्रभावित होंगे।
जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई। सर्वे के अनुसार बारी, सरायनंदन उर्फ समसपुर, सराय मदन सिंह उर्फ चांटी, सराय भारत उर्फ होलागढ़, सराय हरीराम, खेमकरनपुर, माधोपुर मलाक चतुरी समेत अन्य गांवों की भूमि इसके लिए अधिग्रहीत की जाएगी। इन गांवों के किसानों के नाम के साथ भूमि के प्रभावित रकबा और गाटा का भी चिह्नांकन कर लिया गया है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व की ओर से कहा है कि कि भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया शुरू करने के लिए सूची प्रकाशित कर दी गई है। इस भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसी भी व्यक्ति को अगर कोई आपत्ति हो तो सात दिन के भीतर उसे विशेष भूमि आध्याप्ति अधिकारी के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
करीब 596 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहीत करने का काम शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) प्रभावित किसानों की भूमि खरीदेगा। मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा को और सुगम करने के लिए गंगा किनारे एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जाना है।
डिप्टी सीएम कल संगमनगरी को देंगे सलोरी आरओबी की शुरुआत
प्रयागराज। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य शनिवार को सलोरी आरओबी की सौगात शहरवासियों को देंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निर्माण निगम के अधिकारियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 750 मीटर लंबे इस आरओबी का निर्माण 52 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा।
इस आरओबी के निर्माण से प्रयाग रेलवे स्टेशन के पास आईआरटी गेट फाटक पर हर आधे घंटे पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सकेगी। अफसरों के मुताबिक इस आरओबी की शुरुआत मजार तिराहे से होगी। मजार से बड़ा बघाड़ा सलोरी को जोड़ने वाली सड़क की रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित इस रेलवे ओवरब्रिज को अभी सेना की मंजूरी का इंतजार है।
इस वजह से आरओबी का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो पाया है। 750 मीटर लंबाई वाले इस आरओबी के बनने से सलोरी, बड़ा बघाड़ा, सदियाबाद समेत आसपास के लोगों को आवागमन में सहूलित मिलेगी।सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक आरके सिंह ने बताया कि यह रेलवे सेना से एनओसी लेने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही इस दिशा में सफलता मिलने की उम्मीद है।