मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। शासन एक तरफ लखनऊ में एक्सप्रेस वे के लिए यूपीडा (उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी) को काम सौंपकर उसका एलाइनमेंट, डिजाइन आदि तैयार करवा रहा है, वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन के जरिये भूमि का बैनामा भी करवा रहा है। जिले में अब तक 3100 से अधिक काश्तकारों की भूमि के बैनामा का कार्य पूरा कर लिया गया है। अभी 17 फीसदी काश्तकारों की भूमि का बैनामा होना बाकी है।
गंगा एक्सप्रेसवे सोरांव तहसील के बीस गांवों से होकर गुजरेगा। जमीन अधिग्रहीत करने का काम जिला प्रशासन को सौंपा गया है। एडीएम फाइनेंस की अगुवाई में भूमि के बैनामे का कार्य चल रहा है। हालांकि, कोरोना की दूसरी लहर के दौरान बैनामे का काम रुक गया था, लेकिन मई के अंतिम दिनों में बैनामा फिर से शुरू हो गया। एडीएम फाइनेंस मार्तण्ड प्रताप सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत सोरांव तहसील में कुल 3837 काश्तकारों की भूमि का बैनामा कराया जाना है, जिसमें से अब तक 31 सौ से अधिक काश्तकारों की भूमि का बैनामा करा लिया गया है, जो कि आंकड़े के मुताबिक 83 फीसदी है।
काश्तकारों को 247 करोड़ रुपये का मुआवजा भी अदा किया जा चुका है। अभी फिलहाल 74 फीसदी काश्तकारों को मुआवजा दिया गया है। एडीएम के मुताबिक बाकी लोगों को मुआवजा जल्द दे दिया जाएगा। एडीएम ने बताया कि 17 फीसदी जिन काश्तकारों की भूमि का अभी बैनामा नहीं हो सका है, उसके लिए काम चल रहा है।