उदय सिंह की मौत से पत्नी खुशी बेसुध
उदय सिंह फुटवियर का कारोबार करते थे। उनकी पत्नी खुशी और दो वर्षीय पुत्र आयुष का हाल बेहाल है। गांव वालों के अनुसार उदय मेहनती और जिम्मेदार युवक थे। उनकी असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मासूम बेटे को अभी यह भी नहीं पता कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।
प्रतापगढ़ से उन्नाव के लिए रवाना हुए परिजन
प्रतापगढ़ जिले के मानधाता निवासी अमन कश्यप अपनी बुआ के घर बाबूगंज आए थे। दोस्तों के साथ घूमने का कार्यक्रम बना तो वह भी साथ हो लिए। अमन अविवाहित थे और परिवार की उम्मीदों का केंद्र थे। हादसे की खबर मिलते ही प्रतापगढ़ स्थित उनके घर में भी मातम छा गया और परिजन उन्नाव के लिए रवाना हो गए।
एक फोन कॉल ने उजाड़ दिए चार परिवार
दोपहर बाद जब परिजनों के मोबाइल पर हादसे की सूचना पहुंची तो किसी को पहले दुर्घटना और फिर मौत की खबर मिली। कुछ ही मिनटों में पूरे गांव में खबर फैल गई। लोग अपने काम छोड़कर मृतकों के घरों की ओर दौड़ पड़े।
किसी का इकलौता बेटा तो किसी का था परिवार का सहारा
चारों युवकों की मौत ने परिवारों को सदमे में डाल दिया है। जाफरपुर बाबूगंज निवासी अनुपम गुप्ता स्नातक थे और गांव की पुरानी मोबाइल व इंटरनेट दुकान चलाते थे। उनके पिता अजय कुमार गुप्ता कोलकाता में एलआईसी एजेंट हैं। दो वर्ष पहले उनकी शादी भदरी (कुंडा) प्रतापगढ़ निवासी प्रिया से हुई थी, वह घटना के समय मायके में थीं।
विजय पटेल स्नातक शिक्षित थे और टेंट हाउस का कारोबार करते थे। उनके बड़े भाई रोशन पटेल शव लेने के लिए उन्नाव गए हैं। हादसे में मृतक उदय पटेल उर्फ बाबूजी, विजय के चचेरे भतीजे थे। आईटीआई के बाद उन्होंने गुजरात में इफको में अप्रेंटिसशिप की थी और एक वर्ष पहले घर लौटकर फुटवियर की दुकान संभाल रहे थे। वह अपने पिता के इकलौते बेटे थे। उनकी शादी हो चुकी थी और उनका एक छोटा बेटा है। शव लेने के लिए उनके पिता उन्नाव गए हैं। वहीं, अमन कश्यप प्रतापगढ़ के मानधाता निवासी और बाबूगंज के राकेश दूरिया के रिश्तेदार थे।