इसके बाद पकड़ी गई युवतियों से ही फोन पर बात कराकर उन्हें भरोस में ले लेते हैं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन व अन्य मदों में रकम खाते में ट्रांसफर करा लेते हैं। इसके बाद कोई न कोई बहाना बनाकर शादी तोड़ने की बात कहते हैं और नंबर ब्लॉक कर देते हैं।
तीन मंजिला भवन में बना रखा था कॉल सेंटर
पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने यह भी बताया कि आरोपी फर्जीवाड़े का यह खेल राजापुर में किराये के तीन मंजिला भवन से संचालित कर रहे थे। इसमें ऊपरी तल पर कॉल सेंटर भी बना रखा था। यहां पकड़ी गई पांचों युवतियों से ही लोगों को कॉल कराई जाती थी। पांचों युवतियां शहर की ही रहने वाली हैं जिन्हें पांच हजार रुपये पर रखा गया था।
यह हुए गिरफ्तार
पकड़े गए लोगों में रितिक कुमार कुरई निवासी नवागढ़, जांजगीर छत्तीसगढ़ और उसके साथी देवेंद्र कुमार चेलक व यानेंद्र कुमार भारती निवासी बलौदा बाजार छत्तीसगढ़ शामिल हैं। सरगना रितिक है जो पांचवीं तक ही पढ़ा है। जबकि अन्य दोनों बीए पास हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक शहर में कुछ महीनों रहकर वह ठिकाना बदल देते हैं। जिले में वह दो साल पहले भी फर्जीवाड़ा कर चुके हैं।
यह हुई बरामदगी
दो सीपीयू, दो मॉनिटर, कीबोर्ड, 30 रजिस्टर, नौ जाली आधार कार्ड, सात एटीएम, तीन चेक बुक, 18 मोबाइल