एसआरएन अस्पताल में भर्ती युवती से दुष्कर्म मामले में जिला पुलिस अपने ही बयान व कार्रवाई में उलझ कर रह गई है। दरअसल, एक दिन पहले तक पुलिस अफसर सीएमओ की ओर से गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए ही कार्रवाई से इंकार करते रहे थे। ऐसे में मंगलवार को युवती की मौत के तुरंत बाद रिपोर्ट दर्ज होने से सवाल भी उठने लगे। इसके साथ ही कई अन्य सवाल भी अनसुलझे हैं।
मृतका के भाई के आरोप के बाद तीन जून को मेडिकल कॉलेज प्रशासन और सीएमओ की ओर से गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट आई। पुलिस अफसरों का कहना था कि सीएमओ की ओर से गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है, ऐसे में कार्रवाई का आधार ही नहीं है। ऐसे में मंगलवार को युवती की मौत के बाद आननफानन में एफआईआर दर्ज किए जाने की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे।
सबसे बड़ा सवाल है कि जिस मेडिकल बोर्ड की जांच रिपोर्ट का हवाला देकर पुलिस अब तक एफआईआर दर्ज करने से बचती रही थी, उसे युवती की मौत केबाद आखिर कैसे दरकिनार कर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। सवाल यह भी है कि अगर मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद भी पुलिस की पृथक जांच लाजमी थी तो आखिर एफआईआर दर्ज करने में पुलिस ने छह दिन क्यों लगा दिए।
मेडिकल रिपोर्ट
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तहरीर में लिखा, छटपटा रही थी बहन
मृतका के भाई की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि ऑपरेशन थियेटर से बाहर निकलने के बाद उसकी बहन चिल्ला व छटपटा रही थी। वह कुछ बोलना चाह रही थी, लेकिन मां को उसकी बात समझ नहीं आई। इसके बाद उसने लिखने का इशारा किया और पेन व पेपर देने पर बताया कि ओटी में उसके साथ गंदा काम किया गया। इशारे में बताया कि चार लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म की बात पूछने पर सिर हिलाकर हां में जवाब दिया। ऐसे में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए।
कब क्या हुआ
29 मई- युवती को एसआरएन अस्पताल में कराया गया भर्ती
31 मई- युवती की आंतों का ऑपरेशन हुआ
2 जून- भाई ने लगाया बहन से दुष्कर्म का आरोप, सीएमओ व मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से पृथक जांच कमेटियां गठित
3 जून- दोनों कमेटियों की रिपोर्ट आई, दुष्कर्म केआरोप को गलत बताया गया
5 जून- मृतका का भाई महिला संगठन कार्यकर्ताओं केसाथ आईजी कार्यालय केबाहर धरने पर बैठा
7 जून- आईजी से मिलकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की
8 जून- युवती ने इलाज के दौरान दम तोड़ा, रिपोर्ट दर्ज
घटना के संदर्भ में सोशल मीडिया के जरिये मिली प्राथमिक सूचना के आधार पर आरोप की जांच कराई गई है। सीएमओ ने भी डॉक्टरों की टीम से जांच कराई। जांच रिपोर्ट के सभी बिंदुओं को समाहित करते हुए व विधिक सलाह के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। -सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी