कोरांव में बांसघाट गांव में फिरोज की हत्या का खुलासा हो गया। हत्या उसके ही साथी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर की थी। उसे शक था कि फिरोज उसकी अनुपस्थिति में उसके घर आता जाता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर फिरोज का शव बबुरहिया जंगल से बरामद कर लिया गया।
बांगघाट गांव निवासी फिरोज 14 अप्रैल को लापता हो गया था। दो दिन बाद उसके घर वालों ने गांव के ही इंद्रजीत को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इंद्रजीत को पकड़ा तो मामले का खुलासा हो गया। इंद्रजीत ने अपनी पत्नी भागवती के साथ मिलकर फिरोज को लाठी और लोहे की सरिया से मार डाला था। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने शव बबुरहिया के जंगल से बरामद कर लिया।
इंस्पेक्टर अवन दीक्षित के मुताबिक इंद्रजीत राजगीर का काम करता था। उसका दोस्त फिरोज उसके साथ लेबर का काम करता था। इंद्रजीत को पिछले कुछ समय से शक था कि फिरोज उसके न रहने पर घर आ जाता है। इसी को लेकर वह काफी समय से फिरोज पर नजर रख रहा था। 14 अप्रैल को योजना बनाकर इंद्रजीत फिरोज को अपने घर ले आया और रात में हत्या कर दी। बाद में पत्नी भागवती के साथ मिलकर शव को जंगल में फेंक दिया।