साइकिल स्टैंड के नाम पर चंद्रशेखर आजाद पार्क के इर्द गिर्द बड़ा ‘खेल’ चल रहा है। बिना ठेका, टेंडर के फर्जी पर्ची छपाकर निर्धारित दर से ढाई गुना अधिक की वसूली की जा रही है। आजाद पार्क के मुख्य द्वार के सामने फर्जी पर्ची का मामला पकड़े जाने के बाद भी वसूली जारी है। बुधवार को पार्क के गेट नंबर तीन पर स्कूटी-बाइक सवारों से 12 रुपये वसूले गए। नगर निगम की फर्जी पर्ची भी दी गई। इस मामले में भी नगर निगम कर्मियों की मिलीभगत उजागर हुई है।
आजाद पार्क के गेट नंबर एक के सामने नाइट मार्केट की स्थापना के लिए इस बार स्टैंड के ठेके निरस्त कर दिए गए। इस बीच चुनाव घोषित हो गया तो अन्य स्टैंडों के लिए भी टेंडर जारी नहीं किए गए। दो दिन पहले नगर निगम के विजिलेंस अधिकारी ने टीम के साथ फर्जी पर्ची पर वसूली करते लोगों को पकड़ा था। इस मामले में आरोपियों ने नगर निगम कर्मियों के नाम लिए हैं। संबंधित को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
यह मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि आजाद पार्क के अन्य गेटों के बाहर पर्ची लगाकर निर्धारित दर पांच रुपये से करीब ढाई गुना अधिक रकम 12 रुपये वसूलने की शिकायत मिली। बताते हैं कि जांच में मामला सही पाया गया है। परेशान लोगों ने खुद को ठेकेदार बता रहे युवक को खरी-खरी सुनाई तो वह निकल लिया। बताते हैं कि आजाद पार्क के आसपास हर दिन 20 से 25 हजार की वसूली की जा रही है। नगर निगम के खाते में हजार से दो हजार रुपये ही जमा किए जा रहे हैं।
इनका कहना है
मामला संज्ञान में आया है, अपर नगर आयुक्त जांच कर रहे हैं। अवैध वसूली या निगम के राजस्व को क्षति पहुंचाने वालों को चिह्नित किया जाएगा। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. उज्ज्वल कुमार, नगर आयुक्त