विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना प्रपत्रों को जमा करने व उनके डिजिटाइजेशन की अंतिम तिथि 11 दिसंबर है और अब तक पांच लाख मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का अतापता नहीं है। ऐसे में 16 दिसंबर को प्रस्तावित मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन में 12 से 14 लाख नाम कट सकते हैं। इनमें मृतक, शिफ्टेड, डुप्लीकेट व अनुपस्थित वोटर भी शामिल हैं।
एसआईआर के तहत रविवार शाम को जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक नौ लाख 62 हजार 364 ऐसे मतदाता मिले हैं जिनकी मृत्यु हाे चुकी है, स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके हैं, घर में उपस्थित नहीं मिले या एक से अधिक जगह से मतदाता हैं। वोटर लिस्ट के आलेख्य प्रकाशन में इनके नाम कटेंगे। इनमें 1,66,923 मृत मतदाता, 3,14,395 अनुपस्थित, 3,92,662 स्थायी रूप से शिफ्टेड व 88,384 डुप्लीकेट मतदाता हैं।
इनके अलावा अब तक चार लाख 97 हजार 74 मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं। 11 दिसंबर तक जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होंगे, उनके नाम मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन में शामिल नहीं किए जाएंगे। ऐसे में वोटर लिस्ट में 12 से 14 लाख मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। वोटरों की मैपिंग का काम भी काफी धीमा है। अब तक 17 लाख 780 वोटरों (36.24 फीसदी) की मैपिंग नहीं हो सकी है।
हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से लगातार अभियान चलाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र इकट्ठा किए जा रहे हैं। जो बीएलओ गणना प्रपत्रों के संग्रहण व डिजिटाइजेशन के कार्य में धीमे हैं, उनके सहयोग के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने एक-एक अतिरिक्त कर्मचारी व अफसरों की ड्यूटी भी लगा दी है ताकि गणना प्रपत्रों का संग्रहण और डिजिटाइजेशन निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जा सके। डीएम ने मतदाताओं से अपील की है कि आखिरी दिन का इंतजार न करें और 11 दिसंबर से पहले अपने बीएलओ को प्रपत्र उपलब्ध करा दें।