मालखाना में लाइसेंसी रिवाल्वर नहीं मिलने पर नैनी थाना प्रभारी नैनी ने बर्खास्त मुंशी राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पूर्व में मालखाना से रखी गई लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी से लगभग 24 लाख रुपये पैसा गायब होने के मामले में इसी मुंशी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे जनवरी 2016 में जेल भेजा था।
मालखाना में लाइसेंसी रिवाल्वर नहीं मिलने पर नैनी थाना प्रभारी नैनी ने बर्खास्त मुंशी राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पूर्व में मालखाना से रखी गई लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी से लगभग 24 लाख रुपये पैसा गायब होने के मामले में इसी मुंशी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे जनवरी 2016 में जेल भेजा था।
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प्रभारी निरीक्षण ब्रिज किशोर गौतम द्वारा दर्ज एफआईआर में बताया गया कि वर्ष 2007 में हत्या के मामले में दर्ज मुकदमे में पप्पू उर्फ रहमत अली निवासी एडीए कॉलोनी की लाइसेंसी रिवाल्वर जब्त करते हुए मालखाने में जमा कराया गया था। मुकदमे से बरी होने के बाद पप्पू द्वारा रिवाल्वर रिलीज कराने का लेकर न्यायालय में वाद दायर किया गया था। न्यायालय के आदेश पर सीलशुदा मालखाने का चार्ज हेड मोहर्रिर अशोक को देने के लिए टीम गठित की गई थी।
इसमें सहायक पुलिस आयुक्त करछना अरुण कुमार त्रिपाठी, प्रतिसार निरीक्षक द्वितीय रिजर्व पुलिस लाइन प्रवीण कुमार सिंह व थाना प्रभारी नैनी ब्रिज किशोर गौतम थे। उनकी मौजूदगी में मालखाने की सील खुलवाकर वीडियोग्राफी के बीच रिवाल्वर की खोज की गई लेकिन उसका पता नहीं चला। इसपर बर्खास्त मुंशी से फोन पर बात की गई लेकिन उसने आने में असमर्थता जताई। जिसके बाद मामला संदिग्ध पाए जाने पर बर्खास्त मुंशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
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बता दें कि वर्ष 2016 में कोर्ट के आदेश पर नैनी मालखाने में जब्त किए गए 1.56 करोड़ रुपये रिलीज किए जाने थे। इसे लेकर तहसील व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में टीम बनाकर बंद मालखाने को खोल कर बक्से में रखी गई नकदी की गिनती कराई गई थी। जिसमें 24.49 लाख रुपये कम थे। मामले में उक्त मालखाने का चार्ज मुंशी राजेंद्र प्रसाद के ही पास था। रुपये गायब होने पर तात्कालिक थाना प्रभारी रमेश पांडेय ने मुंशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए चालान कोर्ट को भेजा था। जहां से उसे जेल भेज गया था।