prayagraj news : प्रो. आरपी मिश्र (फाइल फोटो)
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व कुलपति प्रो. रामेश्वर प्रसाद मिश्र नहीं रहे। 94 वर्ष की अवस्था में शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे के आसपास स्टेनली रोड स्थित आवास में उनका निधन हो गया। प्रो. आरपी मिश्र वर्ष 1984 से 1987 तक इविवि के कुलपति रहे और वर्ष 1986 में उनके कार्यकाल में पहली बार इविवि में प्रवेश परीक्षा की व्यवस्था लागू हुई, जिसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी थी।
प्रो. मिश्र का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के गांव हनुमानपुर में हुआ था। इविवि में वह भूगोल विभाग के छात्र थे। यहां से स्नातक और मास्ट डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने तीन साल तक लोकसभा सचिवालय नई दिल्ली में सहायक के रूप में काम किया। इसके बाद इसके बाद राष्ट्रीय एटलस संगठन, वैज्ञानिक अनुसंधान और सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय, कलकत्ता में फील्ड ऑफिसर के रूप में शामिल हुए। देहरादून में तैनात रहते हुए, उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध डीएवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय की संध्याकालीन कक्षाओं में भाग लिया और अर्थशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल की।
उन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, कॉलेज पार्क, एमडी यूएसए और यूएस एजूकेशनल फाउंडेशन की फुलब्राइट ट्रैवल ग्रैंड, नई दिल्ली की रिसर्च असिस्टेंटशिप दी गई थी। प्रो. मिश्र ने भूगोल के क्षेत्र से आगे बढक़र 1972 में फोर्ड फाउंडेशनए नई दिल्ली से अनुदान के साथ विकास अध्ययन का एक अंत:विषय संस्थान शुरू किया। प्रो. मिश्र ने संयुक्त राष्ट्र के क्षेत्रीय विकास केंद्र के उपनिदेशक, नागोया जापान में लगभग पांच वर्षों तक काम किया। 1984 में भारत लौट आए और जनवरी 1984 को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कुलपति का पदभार ग्रहण किया। प्रो. आरपी मिश्र के निधन पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी, ऑटा अध्यक्ष प्रो. रामसेवक दुबे, उपाध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी, नेता सदन कांग्रेस पार्षद दल मुकुंद तिवारी ने शोक संवेदना व्यक्त की है।
इविवि के पूर्व रजिस्ट्रार का कोरोना से निधन
इविवि के प्राचीन इतिहास विभाग के पूर्व प्रोफेसर एवं पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. आरके द्विवेदी का 85 वर्ष की उम्र में कोरोना से निधन हो गया। वह 1998 में रिटायर हो गए थे। 6 अप्रैल को उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। नौ अप्रैल को भर्ती कराया गया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।