जौनपुर की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट ने चार साल पुराने अपहरण के मामले में उन्हें सात साल की सजा सुनाई है। फिलहाल वह लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। ऐसे में सजा पर रोक लगाने के लिए उनकी ओर से हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की जा सकती है।
एमपीएमएलए कोर्ट से मिली सात साल की सजा के खिलाफ जौनपुर के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह की अर्जी पड़ने से पहले ही मंगलवार को उनके हाईकोर्ट पहुंचने की अफवाह उड़ने लगी। बुधवार को शासकीय अधिवक्ता आशुतोष कुमार संड ने धनंजय की ओर से किसी तरह का नोटिस मिलने से इन्कार किया है। उन्होंने कहा कि अभी तक उन्हें ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। हालांकि कहा जा रहा है कि एमपीएमएलए कोर्ट से मिली सजा के खिलाफ धनंजय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
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जौनपुर की स्पेशल एमपी एमएलए कोर्ट ने चार साल पुराने अपहरण के मामले में उन्हें सात साल की सजा सुनाई है। फिलहाल वह लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। ऐसे में सजा पर रोक लगाने के लिए उनकी ओर से हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की जा सकती है। मौजूदा हालात में सात साल की सजा होने की वजह से धनंजय सिंह अभी चुनाव लड़ने के अयोग्य हैं।
पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के तहत दो साल से ज्यादा की सजा पाने वाला व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। बुधवार को भी धनंजय की ओर से कोई नोटिस नहीं दी गई। माना जा रहा है कि एक दो दिन में वह सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर कर सकते हैं।