पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा सांसद आजम खां के करीबी सेवानिवृत्त पुलिस क्षेत्राधिकारी आले हसन खान की जमानत शर्तों के साथ मंजूर कर ली है। इन्हें रामपुर से दिल्ली जाते समय फर्जी आधार कार्ड के साथ 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। सिविल लाइंस रामपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने दिया है। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी का कहना था कि राजनीतिक दुश्मनी के चलते सरकार बदलने के बाद 2019-20 में याची पर 54 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। जिनमें से 27 मुकदमों में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगी है।
25 मामलों में सत्र न्यायालय ने अग्रिम जमानत दी है। याची को राष्ट्रपति ने गैलेन्ट्री अवार्ड से नवाजा है। सरकार की तरफ से जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि इनके खिलाफ 57 मुकदमों का आपराधिक इतिहास है। कई मामलों में आजम खां के साथ आरोपी हैं।