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Prayagraj : जयंती पर याद किए गए पूर्व सीएम रामनरेश यादव, अनाथ बच्चों में बांटे गए मिष्ठान्न और फल

Mon, 01 Jul 2024 05:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

संस्थान के महामंत्री हीरा लाल यादव ने कहा कि राम नरेश यादव व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व थे। उनका पूरा जीवन सादगी एवं उच्च विचार से ओतप्रोत था। बाबूजी समाजवादी चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया के विचारधारा के समर्थक थे। 
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पूर्व मुख्यमंत्री राम नरेश यादव की जयंती पर हवन पूजन किया गया। - फोटो : अमर उजाला।
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राम नरेश यादव स्मारक सेवा संस्थान के तत्वावधान में मध्य प्रदेश और छतीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल स्व.राम नरेश यादव की 96वीं जयंती मनाई गई। दयानन्द पब्लिक स्कूल (डीएवी कॉलेज) मीरापुर के सभागार में हवन एवं गोष्ठी के बाद कटघर स्थित वृंदा प्रसाद अनाथालय में बच्चों को भोजन, फल और मिष्ठान वितरित किया। गोष्ठी में पूर्व महापौर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने राम नरेश यादव के जीवन और उनके द्वारा गरीबों-असहायों के लिए किए गए संघर्षों के बारे में लोगों को जानकारी दी। 

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संस्थान के महामंत्री हीरा लाल यादव ने कहा कि राम नरेश यादव व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व थे। उनका पूरा जीवन सादगी एवं उच्च विचार से ओतप्रोत था। बाबूजी समाजवादी चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया के विचारधारा के समर्थक थे। यही कारण रहा कि वो किसानों, गरीबों एवं असहायों के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे और देश-प्रदेश के सर्वोच्च पदों पर रहने के बावजूद वो हमेशा उन लोगों के लिए सदैव सहज उपलब्ध रहते थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने किसानों को 18 घंटे बिजली देने का काम किया।

दयानन्द पब्लिक स्कूल के प्रबंधक कुंवर शेखर कुमार ने कहा कि राम नरेश यादव सच्चाई, सादगी और ईमानदारी के प्रतीक रहे हैं। वो अधिवक्ता, शिक्षक और नेता जिस रूप में भी रहे उसे कुशलता और ईमानदारी के साथ उसका निर्वाहन किया। कांग्रेस सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अंकित सिंह यादव ने कहा कि राम नरेश यादव महान कर्म योगी जनप्रिय नेता थे। भारतीय राजनीति में उनका एक विशिष्ट स्थान है।
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मुख्यमंत्री के रूप में जो छाप उन्होंने छोड़ी उससे उनका गृह जनपद ही नहीं अपितु प्रदेश और देश भी गौरवान्वित महसूस करता है। बाबू जी का कृतित्व एवं व्यक्तित्व का जनता पर गहरा प्रभाव पड़ा कि समाज का हर वर्ग बच्चा, नौजवान,बूढ़े सब बड़े सम्मान के साथ बाबू जी बोलने लगे। राष्ट्रीय चरित्र एवं मूल्यों की राजनीति करने वाले सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते से कभी हटे नहीं। किसानो,दलितों,पिछडें ,अल्पसंख्यको और गरीबों के दुःख में हमेशा बहुत करीब से शामिल रहे।

गोष्ठी में मोहन जी टंडन, राजेश कुमार (एडवोकेट), ईश्वरानंद, प्रमोद त्यागी, मनप्रीत कौर, पूजा अरोरा, प्रीती खरे, सुनीता साकेत, मृदुला सक्सेना,रुचि श्रीवास्तव, गुलफ्शा अंसारी, तान्या मालवीय, निधि मालवीय, सुमन पांडेय, सोनी निषाद, प्रियंका प्रजापति, दीपिका केसरवानी, सुचिता शुक्ला, निखत परवीन, काजल सिंह, आस्था खरे आदि लोग उपस्थित रहे।

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