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UPPSC : लिखावट की फॉरेंसिक जांच में सामने आया परीक्षा में फर्जीवाड़ा, आयोग ने अभ्यर्थी पर दर्ज कराई थी एफआईआर

Fri, 25 Aug 2023 08:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

आयोग ने मामले में एक दिन पहले एफआईआर दर्ज कराई है। अनुभाग अधिकारी संजय कुमार सिंह की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत हुआ है। इसमें उन्होंने बताया है कि विभिन्न विषयों के सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) पद पर चयन के लिए आयोग ने 29-07-2018 को सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) पुरुष / महिला परीक्षा 2018 आयोजित की थी।
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UPPSC - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोक सेवा आयोग की एलटी ग्रेड भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा फॉरेंसिक जांच के दौरान हुआ। शिकायत पर जब आरोपी अभ्यर्थी विशाल पटेल की लिखावट का नमूना व उत्तर पत्रक में की गई प्रविष्टियों की लिखावट के नमूने का मिलान लैब में कराया गया तो हकीकत सामने आई। फिलहाल, सिविल लाइंस पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

आयोग ने मामले में एक दिन पहले एफआईआर दर्ज कराई है। अनुभाग अधिकारी संजय कुमार सिंह की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत हुआ है। इसमें उन्होंने बताया है कि विभिन्न विषयों के सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) पद पर चयन के लिए आयोग ने 29-07-2018 को सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) पुरुष / महिला परीक्षा 2018 आयोजित की थी।

जीव विज्ञान (पुरुष शाखा) के सहायक अध्यापक पद पर चयन के लिए विशाल पटेल निवासी ग्राम प्रसादपुर, पोस्ट-शिवगढ़ (सोरांव) को औपबंधित रूप से सफल घोषित किया गया था। इसी दौरान उसकी शिकायत मिली कि उसने अपनी जगह साॅल्वर बैठाकर परीक्षा दिलवाई है।

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इसके बाद उसे कार्यालय बुलाकर उसकी लिखावट व हस्ताक्षर के नमूने लिए गए। इसके बाद उत्तर पत्रक की प्रविष्टियों व अभ्यर्थी की लिखावट की जांच फॉरेंसिक लैब,फाफामऊ में कराई गई। इसमें स्पष्ट हुआ कि अभ्यर्थी ने अपने स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा में बैठाया था। सिविल लाइंस एसीपी श्वेताभ पांडेय ने बताया कि जांच की जा रही है।

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चार बार दिया नोटिस, नहीं आया बयान देने

तहरीर में वादी की ओर से यह भी बताया गया है कि आरोपी को चार बार नोटिस देकर बुलाया गया, लेकिन वह अपना पक्ष रखने नहीं आया। हर बार प्रत्यावेदन भेजकर उपस्थित होने में असमर्थता जता दी। आयोग ने उसका चयन निरस्त करने व उसे आगामी सभी परीक्षाओं से पांच वर्ष के लिए डिबार करने का भी निर्णय लिया है।

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