Forest department team arrived at the notice of lion sighting in Sirsa
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मेजा/उरूवा। सिरसा कस्बे में शेर के दिखने की सूचना पर बृहस्पतिवार को पहुंची वन विभाग की टीम ने कई घंटे जांच-पड़ताल की। हालांकि जमीन पर जो पैरों के निशान देखे गए उससे शेर के नहीं बल्कि लकड़बग्घे के पैर के निशान होने की संभावना जताई जा रही है। कस्बे के लोगों ने जमीन पर गिरे कुछ बाल भी वन विभाग की टीम को सौंपे हैं।
बता दें कि सिरसा कस्बे में बुधवार रात में शेर की दिखने की अफवाह उड़ी थी। लोग सांसत में थे। बृहस्पतिवार सुबह वन विभाग की टीम सिरसा पहुंच गई। टीम का नेतृत्व कर रहे वन रक्षक पीयूष कुमार दूबे ने बताया कि जांच-पड़ताल के दौरान जमीन पर जो पैर के निशान दिखाए गए हैं उससे साफ है कि शेर नहीं बल्कि लकड़बग्घा रहा होगा। कस्बे के लोगों ने सड़क पर टूटे पड़े बाल को भी वन विभाग की टीम को सौंपा है। सभासद प्रतिनिधि प्रकाश वर्मा ने बताया कि सिरसा में कई जिम्मेदार लोग शेर को देखा है।
अगर, वन विभाग इस मामले को लेकर गंभीर न हुआ तो बड़ी घटना घट सकती है। उधर, सभासद प्रतिनिधि कल्लू केशरी, सभासद अंकित केशरी, व्यापार मंडल अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश केशरी, अनिल केशरी, संदीप मिश्र सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि शेर को दिखने की सूचना को नजर अंदाज न किया जाए बल्कि इसको गंभीरता से देखा जाए। वन विभाग के वन रक्षक ने एहतियातन कस्बे के लोगों को अलर्ट करते हुए कहा है कि वे रात के वक्त हाथ में मशाल लेकर ही निकले। छोटे बच्चों, बकरियों या मुर्गियों को बाहर न निकलने दें। हालांकि सिरसा कस्बे के लोग अब भी सांसत में हैं। कई लोगों का आरोप था कि रात में शेर के दिखने की सूचना पर न तो पुलिस विभाग के अफसर हरकत में आए और न ही वन विभाग का कोई कर्मचारी कस्बे में आना उचित समझा। नगर पंचायत अध्यक्ष श्याम कृष्ण यादव उर्फ पप्पू यादव ने भी वन विभाग के अफसरों से कहा है कि मामले को गंभीरता से देखें।