माता पिता की इकलौती संतान थी जया
मर्चरी में पिता ने बताया कि जया उनकी इकलौती संतान थी। स्कूली शिक्षा के बाद उसने पटना स्थित कॉलेज से बीटेक किया था। इसके बाद पिछले साल एमएनएनआईटी में दाखिला लिया। रात नौ बजे के करीब उससे फोन पर बात हुई थी। इस दौरान उसने सामान्य तरीके से बातचीत की। वह बहुत खुश भी थी और उसकी बातों से कहीं से भी यह नहीं लगा कि वह किसी चीज को लेक परेशान है।
बीमार होने या तबीयत खराब होने की बात भी उसने नहीं बताई। रात दो बजे के करीब हॉस्टल के चीफ वार्डेन का फोन आया कि उसकी तबियत बहुत ज्यादा खराब हो गई है। फिर उससे बात नहीं हो पाई। सुबह 11 बजे के करीब अस्पताल पहुंचकर देखा कि वह आईसीयू में एडमिट थी। कुछ देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि वह जिस हाल में अस्पताल लाई गई, उससे यही लग रहा है कि उसने बीपी कम करने की 40-45 गोलियां खा लीं।
इसी के चलते अचानक उसका बीपी लेवल बहुत कम हो गया और हार्ट अटैक की वजह से उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि उनकी बेटी को कोई बीमारी नहीं थी। ऐसे में यह समझ से परे है कि उसने बीपी कम करने की दवा क्यों खाई।
एग्जाम का हवाला देकर घर आने से किया था मना
पिता ने यह भी बताया कि शनिवार रात फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने बेटी से घर आने की बात कही थी जिस पर उसने एग्जाम का हवाला देकर मना कर दिया था। दरअसल 14 दिसंबर से उसके सेमेस्टर एग्जाम शुरू होने थे। ऐसे में उसका कहना था कि अभी वह पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर लगाना चाहती है इसलिए फिलहाल उसका घर आना संभव नहीं है। लेकिन उसने यह भी कहा था कि एग्जाम खत्म होने के बाद वह घर आएगी।
परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अजीत सिंह चौहान, सीओ कर्नलगंज
‘देर रात ढाई बजे के आसपास सूचना मिली की छात्रा बहोश हो गई। हॉस्टल की वार्डन उसे वाल्सल्य अस्पताल लेकर पहुंचीं। बताया गया कि कि छात्रा ने मात्रा से अधिक ब्लड प्रेशर की दवा ले ली थी। पुलिस जांच कर रही है। एमएनएनआईटी प्रशासन की ओर से जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। -’ प्रो. राजीव त्रिपाठी, निदेशक, एमनएनआईटी