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एमएनएनआईटी छात्रा की मौत का मामला : फोरेंसिक टीम ने छानबीन के बाद मोबाइल लिया कब्जे में

Mon, 06 Dec 2021 04:57 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

मर्चरी पर गमगीन हालत में पिता ने बताया, बेटी ने नहीं किया बीमार होने का जिक्र। बातचीत के दौरान वह बिल्कुल सामान्य थी और बहुत खुश थी। एकाएक कैसे हो गया यह समझ से परे है। उसे कोई बीमारी नहीं थी तो ब्लड प्रेशर की दवा उसने इतनी मात्रा में कहा से लिया यह जांच किया जाना चाहिए।
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जांच - फोटो : demopic
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विस्तार
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एमएनएनआईटी में एमटेक की छात्रा की मौत की सूचना पर पहुंचे पिता विजय कुमार गहरे सदमे में दिखे। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही। बहुत देर तक  तो वह कुछ बोलने की हालत में ही नहीं रहे। किसी तरह खुद को संभालते हुए बोले कि चार घंटे पहले ही तो बात हुई थी। तब वह बेहद खुश थी। कहीं से भी यह नहीं लगा कि वह बीमार है या किसी बात को लेकर परेशान है।

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समझ नहीं आ रहा कि फिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि उसकी हालत इतनी बिगड़ गई। उधर देर शाम फोरेंसिक टीम भी एमएनएनआईटी स्थित छात्रा के कमरे में जांच पड़ताल करने पहुंची। इस दौरान नमूने एकत्र करने के साथ ही टीम ने छात्रा का मोबाइल भी कब्जे में ले लिया। फोरेंसिक टीम के साथ मृतक छात्रा के पिता भी मौजूद रहे और उनकी मौजूदगी में ही कमरे का दरवाजा खोला गया।

माता पिता की इकलौती संतान थी जया

मर्चरी में पिता ने बताया कि जया उनकी इकलौती संतान थी। स्कूली शिक्षा के बाद उसने पटना स्थित कॉलेज से बीटेक किया था। इसके बाद पिछले साल एमएनएनआईटी में दाखिला लिया। रात नौ बजे के करीब उससे फोन पर बात हुई थी। इस दौरान उसने सामान्य तरीके से बातचीत की। वह बहुत खुश भी थी और उसकी बातों से कहीं से भी यह नहीं लगा कि वह किसी चीज को लेक परेशान है।
 
बीमार होने या तबीयत खराब होने की बात भी उसने नहीं बताई। रात दो बजे के करीब हॉस्टल के चीफ वार्डेन का फोन आया कि उसकी तबियत बहुत ज्यादा खराब हो गई है। फिर उससे बात नहीं हो पाई। सुबह 11 बजे के करीब अस्पताल पहुंचकर देखा कि वह आईसीयू में एडमिट थी। कुछ देर बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि वह जिस हाल में अस्पताल लाई गई, उससे यही लग रहा है कि उसने बीपी कम करने की 40-45 गोलियां खा लीं।

इसी के चलते अचानक उसका बीपी लेवल बहुत कम हो गया और हार्ट अटैक की वजह से उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि उनकी बेटी को कोई बीमारी नहीं थी। ऐसे में यह समझ से परे है  कि उसने बीपी कम करने की दवा क्यों खाई।
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एग्जाम का हवाला देकर घर आने से किया था मना

पिता ने यह भी बताया कि शनिवार रात फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने बेटी से घर आने की बात कही थी जिस पर उसने एग्जाम का हवाला देकर मना कर दिया था। दरअसल 14 दिसंबर से उसके सेमेस्टर एग्जाम शुरू होने थे। ऐसे में उसका कहना था कि अभी वह पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर लगाना चाहती है इसलिए फिलहाल उसका घर आना संभव नहीं है। लेकिन उसने यह भी कहा था कि एग्जाम खत्म होने के बाद वह घर आएगी।

परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अजीत सिंह चौहान, सीओ कर्नलगंज


‘देर रात ढाई बजे के आसपास सूचना मिली की छात्रा बहोश हो गई। हॉस्टल की वार्डन उसे वाल्सल्य अस्पताल लेकर पहुंचीं। बताया गया कि कि छात्रा ने मात्रा से अधिक ब्लड प्रेशर की दवा ले ली थी। पुलिस जांच कर रही है। एमएनएनआईटी प्रशासन की ओर से जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। -’ प्रो. राजीव त्रिपाठी, निदेशक, एमनएनआईटी
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