फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रयागराज में बढ़ा बाढ़ का खतरा, सात शिविर में 1600 से अधिक ने ली शरण 

Sat, 07 Aug 2021 10:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • गंगा और यमुना के जल स्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी, चलाई गईं दो दर्जन से अधिक नावें
विज्ञापन
1 of 6
prayagraj news : गंगा यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। - फोटो : prayagraj
बाढ़ का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। हजारों घर में बाढ़ का पानी घुस गया है। कछारी इलाके के सैकड़ों घरों में तो कमर तक पानी पहुंच गया है। इसकी वजह से सात शिविरों में 227 परिवार के 1600 से अधिक लोगों को शरण लेनी पड़ी है। दो दर्जन से अधिक नावें भी चलाई गई हैं। मुश्किल यह कि जल स्तर में बढ़ोतरी जारी है। 
विज्ञापन

2 of 6
prayagraj news : गंगा यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। - फोटो : prayagraj
छोटा बघाड़ा, सलोरी, बेली कछार, ऊंचवागढ़ी, राजापुर, नेवादा आदि मोहल्लों की बस्तियों में काफी भीतर तक पानी घुस गया है। इसकी वजह से लोग अपना घर छोडक़र शरणार्थी बनने के लिए मजबूर हैं। बघाड़ा में ऐनी बेसेंट स्कूल और सदर स्थित कैंट हाईस्कूल परिसर में राहत शिविर शुक्रवार को ही चालू हो गए थे, शनिवार को तीन और शिविर खुल गए।
विज्ञापन

3 of 6
prayagraj news : बाढ़ में घर डूब जाने के कारण राहत शिविर में पहुंचे बाढ़ पीड़ित। - फोटो : prayagraj
स्टैनली रोड स्थित मेहबूब इंटर कॉलेज, म्योर रोड स्थित ऋषिकुल स्कूल तथा अशोक नगर स्थित विवेकानंद हायर सेकेंडरी स्कूल में बाढ़ पीड़ित रहने लगे हैं। इनके अलावा बारा में भी दो शिविर शुरू हो गए हैं। सदर तहसील के अंतर्गत विभिन्न मोहल्लों में 11 नावें चलाई गई हैं। इनके अलावा फूलपुर और मेजा में भी नावें चलानी पड़ी हैं। एसडीएम सदर विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि शिविरों में बिस्तर, खाने आदि की पूरी व्यवस्था की गई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व एमपी सिंह ने बताया कि राहत शिविर के लिए 113 परिसर चिह्नित किए गए हैं। जरूरत पडने पर शरणार्थियों के लिए उन्हें खोला जाएगा।

4 of 6
prayagraj news : बाढ़ के चलते घर का सामान समेटते प्रतियोगी छात्र। - फोटो : prayagraj
एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची
बाढ़ का दायरा बढने के साथ शनिवार को एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई। एसडीआरएफ की टीम पहले से मौजूद हैं। इनके अलावा निजी गोताखोरों की भी तैनाती की गई है।
विज्ञापन

5 of 6
prayagraj news : बाढ़ का पानी घर में घुस जाने के कारण सुरक्षित स्थानों पर जाते लोग। - फोटो : prayagraj
शरणार्थियों के आधार कार्ड, पासबुक की ली जा रही फोटो कॉपी
राहत शिविरों में शरण लेने वाले बाढ़ पीड़ितों का डाटा भी तैयार किया जा रहा है। सभी के आधार कार्ड और पासबुक की फोटो कॉपी ली जा रही है। सभी के डिटेल राहत पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। इससे गड़बड़ी पर अंकुश लगने की बात कही जा रही है। इसके अलावा शिविरों में किसी बड़े राहत की घोषणा की भी चर्चा रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
prayagraj news : घर में पानी भरने के कारण राहत शिविरों में पहुंचे बाढ़ पीड़ित। - फोटो : prayagraj
राहत शिविरों में लगाई गईं 11 स्वास्थ्य टीमें

जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राहत शिविरों के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 11 टीमें तैनात कर दीं हैं। आठ टीमें राहत शिविरों में शनिवार से काम करने लगी हैं तो तीन टीमों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगा दिया गया है। जिला संक्रामक रोग नियंत्रण इकाई के मुताबिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य टीमें और बढ़ा दी जाएंगी। 

गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते डीएम ने पहले से ही अलर्ट जारी कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग उसी के बाद से अपनी तैयारी कर रहा है। संक्रामक रोग नियंत्रण इकाई के प्रभारी डॉ. संजय बर्नवाल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों एनी बेसेंट, महबूब अली इंटर कॉलेज, ऋषिकुल इंटर कॉलेज और कैंट हाईस्कूल कॉलेज में कुल आठ स्वास्थ्य टीमों को लगाया गया है।

एक राहत शिविरों में दो-दो टीमें शनिवार से काम कर रही हैं। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित इलाकों में तीन टीमें काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि संक्रामक स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी दवाओं का प्रबंध कर लिया गया है। इसके अलावा जल संस्थान को स्वच्छ पानी की आपूर्ति करने और नगर निगम द्वारा गंदगी वाले इलाकों में साफ-सफाई के लिए कहा गया है। जिससे कि संक्रामक रोगों का फैलाव न हो सके। मच्छर और मक्खियां न पनप सकें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें