स्कूली वाहनों से जाने वाले बच्चों की सुरक्षा से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान शुरू किया है। इसके तहत शुरुआती कार्रवाई में ही 68 वाहन, मानकों के विपरीत पाए गए। वहीं, पांच वाहनों की हालत काफी बदतर मिली। आरटीओ ने पांचों वाहनों को सीज कर थाने में खड़ा करा दिया। मानक के विपरीत मिले 68 वाहनों का चालान किया गया है। साथ ही छिटपुट खामियां मिलने पर 132 वाहनों को नोटिस जारी किया गया है।
आरटीओ आरके सिंह ने बताया कि परिवहन आयुक्त कार्यालय के निर्देश पर स्कूल वाहनों की जांच का अभियान चलाया गया। दो फरवरी से आरंभ अभियान के तहत 323 स्कूली वाहनों की जांच की गई। इसमें 205 वाहनों में गड़बड़ियां पाईं गईं। इसमें ज्यादातर बसें शामिल हैं। किसी में सीट खराब मिली तो किसी में कैमरे नहीं लगे थे। इतना ही नहीं चालकों का लाइसेंस भी कामर्शियल नहीं था। सीटों के मुकाबले अधिक बच्चे बिठाए जाने का मामला भी सामने आया। इस तरह के अभियान आगे भी चलाए जाएंगे।
आरटीओ ने शासन को भेजी रिपोर्ट
झूंसी में एआरटीओ टीम पर हुए हमले के मामले में विवाद बढ़ता देख आरटीओ ने सोमवार को शासन को रिपोर्ट भेज दी है। इसमें घटनाक्रम के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश और मुख्यालय से आए निर्देश के क्रम में स्कूलों की ओर से संचालित वाहनों की जांच की जा रही थी। झूंसी के एमआरएस स्कूल एंड कॉलेज में एआरटीओ सुरेश कुमार मौर्या व उनकी टीम पर हमला किया गया। इस दौरान न सिर्फ उनसे मारपीट की गई बल्कि सरकारी वाहन भी तोड़े गए। मामले में स्कूल प्रबंधक सहित कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरटीओ ने कहा कि स्कूली वाहनों की जांच को लेकर दो फरवरी से ही अभियान चलाया जा रहा है।