एसटीएफ की स्थानीय इकाई ने कौशाम्बी मेें नकली शराब बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। उनकेकब्जे से 10 लाख रुपये मूल्य की रेक्टिफाइड स्प्रिट बरामद की गई है। अफसरों का कहना है कि इस केमिकल को मिलाकर नकली शराब बनाने का खेल किया जाता था।
एएसपी नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में कौशलेश कुमार पांडेय निवासी कोरांव, सैयद आसिम अब्बास निवासी सैनी, गुड्डू उर्फ जमीर निवासी कड़ा, धर्मेंद्र कुमार यादव निवासी जौनपुर व सुजीत पटेल निवासी कीडगंज शामिल हैं। इन्हें गुलामीपुर कौशाम्बी स्थित गुड्डू ढाबा से पकड़ा गया।
इनके कब्जे से 10 ड्रम में भरी 2000 लीटर रेक्टिफाइड स्प्रिट केअलावा एक पिकअप, 66900 रुपये, बाइक व अन्य सामान बरामद किया गया। पूछताछ में पता चला कि कौशलेश 25 हजार प्रति ड्रम केहिसाब से दिल्ली से स्प्रिट मंगवाता है और फिर इसे स्थानीय तस्करों को 40 हजार प्रति ड्रम मेंबेचता है।
पकड़े गए आसिम ने बताया कि ढाबा उसके चाचा गुड्डू उर्फ जमीर अब्बास का है जहां उसकेमाध्यम से कौशलेश ने ड्रम रखवाए थे जिसकेएवज में वह 50 हजार रुपये देता था। काफी सालों से वह इस काम में लगे हुए थे। पकड़े गए धर्मेद्र ने बताया कि वह स्प्रिट को बिहार में ले जाकर एक लाख प्रति ड्रम केहिसाब से बेचने वाला था। चुनाव कीवजह से इस वक्त वहां शराब की मांग बढ़ गई है। एसटीएफ ने बताया कि चारों आरोपियों को मुकदमा दर्ज कराकर सैनी पुलिस को सौंप दिया गया है।