फायर गन किसानों की फसलों को आवारा पशुओं से बिना उन्हें नुकसान पहुंचाए बचा लेगी। इसमें पशुओं को डराने के लिए तेज आवाज निकालने की व्यवस्था की गई है। फायर गन बनाने वाले चंद्रशेखर कुशवाहा को प्रदर्शनी में प्रथम स्थान मिला है।
जिला विज्ञान क्लब प्रयागराज की तरफ से राजकीय इंटर कॉलेज के परिसर में बृहस्पतिवार को नव प्रवर्तन प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में जिले के ऐसे लोगों ने हिस्सा लिया, जो अधिक पढ़े लिखे नहीं हैं। फिर भी अपनी सहूलियत के लिए आविष्कार करते हैं। अधिकतर नव प्रवर्तक किसान, मैकेनिक, मजदूर और शिल्पकार ही होते हैं। आयुर्वेदिक औषधियां बनाने वाले श्याम शंकर शुक्ला को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। तीसरे स्थान पर मूंज के उत्पाद बनाने वाले विजय कुमार मौर्य रहे।
प्रथम पुरस्कार के रूप में आठ हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए पांच हजार और तृतीय पुरस्कार के तौर पर दो हजार रुपये की राशि दी गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन पद्मश्री डॉ अजय कुमार सोनकर ने किया। जिला विज्ञान क्लब की ओर से समन्वयक डॉ. लाल जी यादव ने पद्मश्री डॉ अजय कुमार सोनकर, जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह पटेल और जीआईसी के प्रधानाचार्य अजय प्रताप सिंह को पौधा और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। प्रदर्शनी में अनेक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं समेत कुल तीन सौ नव प्रवर्तकों ने प्रतिभाग किया।
अभाव से होता है आविष्कार का जन्म
पद्मश्री डॉ अजय कुमार सोनकर ने कहा कि आविष्कार का जन्म अभाव से होता है। कम पढ़े लिखे लोग भी सामान्य समझ के आधार पर नई-नई खोजें कर सकते हैं। जिला विज्ञान क्लब का यह आयोजन ऐसी प्रतिभाओं को सामने लाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने मीठे पानी में विकसित की मोती को बनाने की तकनीक के बारे में भी विस्तार से बताया।