अनिल कुमार की तहरीर के मुताबिक तीनों बिल्डरों ने वहां प्लॉटिंग कर जमीनें बेच भी दी थीं। ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान कई खरीदार भी मौके पर थे, उन लोगों ने ही बताया था कि अतुल द्विवेदी के साथ मधुकर और अजीत विक्रम ने भी दर्जनों लोगों को जमीन बेचकर करोड़ों ठगे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अतुल द्विवेदी, मधुकर मिश्रा और अजीत विक्रम पांडेय अतीक गिरोह के करीबी हैं। उन्होंने यह काम अतीक के जिंदा रहते शुरू किया था। पुलिस जांच कर रही है कि अतीक गिरोह से उनके किस हद तक संबंध थे। सुबूत मिलने के बाद उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कराई जाएगा।
एक बिल्डर के कार्यालय में ईडी कर चुकी है छापेमारी
लूकरगंज के रहने वाले बिल्डर अतुल द्विवेदी के कार्यालय में ईडी छापेमारी कर चुकी है। अतीक के आर्थिक साम्राज्य को कुछ सफेदपोश अपने बिजनेस की आड़ में चला रहे हैं। इसी शक में ईडी ने शहर के तमाम बिल्डरों और बड़े ठेकेदारों के यहां छापेमारी की थी।