फायरब्रिगेड पहुंची तो उसे भी रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के मना करने पर आक्रोशित लोगों ने हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। कुछ देर बाद डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव भी आ गए और उन्होंने समझाया, तब जाकर दो घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हुआ।
इधर, बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद रिद्धि का शव समहन गांव घर लाया गया तो कोहराम मच गया। पुलिस की मौजूदगी में सिरसा के छतवा गंगाघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। गंगाघाट पर एसीपी रवि गुप्ता, मेजा थानाध्यक्ष राजेश उपाध्याय सहित कई थाने की फोर्स मौजूद रही। बाबा त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि रिद्धि शुरू से ही मेधावी छात्रा थी। वह घर पर मां के कामों में भी हाथ बंटाती थी और स्कूल की पढ़ाई भी करती थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इधर, छात्रा की मौत के बाद कई घरों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीण और रिश्तेदार शोक जताने छात्रा के घर पहुंचते रहे।