पांच दिनी दीपपर्व के पहले दिन शुक्रवार को धनतेरस पर शहर के बाजारों में जमकर ‘धनवर्षा’ हुई। चारपहिया, दोपहिया वाहन हों या जेवरात, बर्तन, इलेक्ट्रानिक्स आइटम या फिर उपहार में देने के लिए ड्राई फ्रूट्स के पैकेट और कपड़े, सब कुछ हाथोंहाथ बिके। महंगाई के बावजूद लोगों ने जमकर खरीदारी की। चौक, सिविल लाइंस, कटरा जैसे प्रमुख बाजारों के साथ अन्य इलाकों के बाजारों में उमड़ी भीड़ देखकर कारोबारियों की भी पौबारह रही। ग्राहकों ने देर रात तक खरीदारी की। किसी ने लाखों तो किसी ने करोड़ों का कारोबार किया। रियल स्टेट में भी लोगों ने करोड़ों रुपये लगाए। एक अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को बाजार में चार अरब रुपये से अधिक का कारोबार हुआ।
धनतेरस पर ऑटोमोबाइल बाजार पर लक्ष्मी ज्यादा मेहरबान रहीं। तकरीबन 165 करोड़ की धनवर्षा हुई। इस दौरान मारुति, महिंद्रा, रेनाल्ड, हुंडई, फोर्ड, शेवरले, टाटा, होडा आदि कंपनियों की करीब 1250 गाड़ियों की डिलेवरी हुई। अकेली मारुति की 400 से अधिक कारें सड़कों पर उतरी। अन्य कंपनियों की छोटी-बड़ी गाड़ियों के साथ करीब 90 ट्रैक्टर और 50 से अधिक ट्रक की डिलेवरी धनतेरस पर हुई। मुहूर्त के मुताबिक छोटी और बड़ी दीपावली पर भी डिलेवरी के लिए दो सौ से अधिक चारपहिया वाहन बुक हैं। वहीं हीरो, हॉडा, टीवीएस, बजाज, यामहा, सुजकी, एलएमएल आदि कंपनियों के पांच हजार से अधिक दोपहिया वाहन बिके। इसमें चारपहिया, ट्रैक्टर, ट्रक का कारोबार अकेले करीब 140 करोड़ रुपये जबकि दोपहिया वाहन का कारोबार 25 करोड़ रुपये के आसपास रहा। ग्रीनलैंड मोटर्स के आयुष खेत्रपाल एवं जनरल मोटर्स के विकास अग्रवाल का कहना है कि कार खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसका बड़ा कारण बैंकों से ऋण की प्रक्रिया सरल होना है। इसी का नतीजा है कि धनतेरस पर उम्मीद से अधिक गाड़ियां बिकीं।
धनतेरस पर सराफ की दुकानों में बूम रहा। यहां जमकर खरीदारी हुई। सुबह 10 बजे के बाद से ही सिविल लाइंस, मीरगंज, रानीमंडी, चौक, कटरा आदि बाजारों के ज्वैलरी शोरूमों में ग्राहकों की भीड़ लग गई। खरीदारी का आलम यह रहा कि रानीमंडी, मीरगंज के कई शोरूमों में चांदी-सोने के सिक्के खत्म हो गए। व्यापारी संदीप वैश्य, संजय गुप्ता के मुताबिक धनतेरस पर तकरीबन 70 करोड़ रुपये से अधिक की सोने, चांदी की खरीद हुई, जिसमें करीब 55 करोड़ के सोने एवं हीरे जड़ित ज्वैलरी तथा 15 करोड़ के सोने-चांदी सिक्के एवं चांदी के बर्तन बिके।
धनतेरस पर रियल स्टेट में भी हरियाली रही। सिविल लाइंस, लूकरगंज, राजापुर, जार्जटाउन, ममफोर्डगंज, धूमनगंज, नैनी, झूंसी आदि में बनी निजी बहुमंजिला आवासीय योजनाओं में करीब 90 लोगों ने धनतेरस पर फ्लैट बुक कराए तो सिविल लाइंस, कटरा, राजापुर, लूकरगंज में बने बहुमंजिला अपार्टमेंट में पहले से फ्लैट बुक कारने वाले 35 से अधिक लोगों ने गृह प्रवेश किया। एक फ्लैट की औसत कीमत 70 लाख रुपये मानें तो अकेले रियल स्टेट में तकरीबन 88 करोड़ रुपये लगे।
इलेक्ट्रानिक्स बाजार में लक्ष्मी मेहरबान रहीं। चौक, सिविल लाइंस, कटरा आदि के शोरूमों में एलईडी टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव आदि के साथ बिजली की आकर्षक झालरें, सजावटी इलेक्ट्रानिक आइटम का कारोबार तकरीबन 24 करोड़ रुपये के आसपास रहा। खरीदारी के लिए दोपहर से ही शोरूमों पर ग्राहक जुटे। मोबाइल शोरूमों पर भीड़ सबसे ज्यादा रही। हर किसी ने अपनी जरूरत के हिसाब से विभिन्न कंपनियों की छोटी-बड़ी टीवी, फ्रिज आदि खरीदा तो इंडेक्शन, माइक्रोवेव, अवन, आयरन आदि घर ले गए। इन आइटमों का कारोबार करीब 17 करोड़ रुपये जबकि अकेले मोबाइल फोन का कारोबार लगभग पांच करोड़ रुपये के आसपास रहा। इसी तरह झालर समेत अन्य इलेक्ट्रानिक्स आइटम का कारोबार करीब दो करोड़ रुपये रहा।
धनतेरस पर ठठेरी बाजार, चौक, कटरा, कोठापार्चा, रामबाग, सिविल लाइंस, अल्लापुर, तेलियरगंज, सुलेम सराय आदि इलाकों में बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों का रेला नजर आया। नया बर्तन खरीद कर पूजा करने की परंपरा के चलते दुकानों पर थाली, कटोरी, चम्मच, प्लेट, पैन, बर्तन स्टैंड, गैस चूल्हा आदि के साथ पूजा के बर्तन खरीदने वाले देर रात तक जुटे रहे। नॉन स्टिक बर्तन भी खूब बिके। धनतेरस पर करीब 18 करोड़ रुपये के बर्तनों की बिक्री हुई। रामबाग के बर्तन कारोबारी विकास अग्रवाल ने बताया कि ज्यादातर खरीदारी रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाले बर्तनों की रही।
धनतेरस में अन्य सामानों के साथ फर्नीचर का धंधा भी चमका। सिविल लाइंस, चौक, मुट्टीगंज, बहादुरगंज समेत अन्य बाजारों के फर्नीचर शोरूमों में सोफा, डाइनिंग टेबल, डिजाइनर कुर्सी, सेंटर टेबल पसंद की गई। इसके साथ अलमीरा, फर्नीचर सप्लायर मोहम्मद मेहताब की मानें तो थनतेरस पर कारोबार करीब पांच करोड़ रुपये रहा।
इस मौके पर रेडीमेड कपड़े, ड्राईफ्रूट्स और पटाखें का धंधा भी चमका। इनका कारोबार करीब सात करोड़ रुपये रहा। सिविल लाइंस, चौक, कटरा, कोठापार्चा आदि में रेडीमेड कपड़ों के शोरूमों में युवाओं, बच्चों के साथ हर वर्ग के लोगों ने कपडे़ खरीदे। एक अनुमान के मुताबिक 1.50 करोड़ रुपये के कपड़े बिके। पटाखों का बाजार भी गुलजार रहा। एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज मैदान में लगे आतिशबाजी के थोक बाजार के साथ मोहल्लों में तय स्थानों पर खुली आतिशबाजी की दुकानों में तरह-तरह के करीब 2.50 करोड़ के पटाखे बिके।
धनतेरस पर जनरल स्टोर्स, बड़ी मिठाई की दुकानों पर ड्राईफ्रूट्स एवं तरह-तरह की मिठाई के गिफ्ट पैक की डिमांड काफी अधिक रही। दीपावली पर इसे उपहार के तौर पर देने की परंपरा है सो मिठाई एवं ड्राईफ्रूट्स के पैकेटों की बिक्री करीब छह करोड़ रुपये के आसपास रही।
विरोध के बीच धनतेरस पर बाजार में चाइनीज सामानों की भी जमकर बिक्री हुई। घरों को सजाने के लिए चौक स्थित शाहगंज इलेक्ट्रानिक मार्केट में बिजली की आकर्षक झालर के थोक बाजार में भीड़ इस कदर रही की लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। यही हाल शाहगंज में चाइनीज सजावटी सामान के थोक बाजार में रहा, जहां तरह-तरह के इलेक्ट्रानिक्स शोपीस, अन्य सजावटी आइटम खरीदने वाले जुटे रहे। चाइनीज फर्नीचर, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां, आतिशबाजी भी लोगों ने खरीदी। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) पूर्वी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष महेंद्र गोयल के मुताबिक विरोध के कारण 15-20 प्रतिशत कारोबार प्रभावित हुआ। इन्हें पसंद करने का बड़ा कारण सस्ता होने के साथ बेहतर फिनिशिंग भी है।