पहले जिगर के टुकड़े की लाश के लिए चार दिन की जद्दोजहद, और अब पोस्टमार्टम के लिए इंतजार। जिस बेटे को अपने हाथों से पाल पोस कर बड़ा किया, उसी का शव गोद में लेकर पिता तीसरे दिन भी भटकने के लिए मजबूर रहा।
गोद में बेटे का शव लेकर भटक रहे सरायइनायत के मूलचंद का इंतजार मंगलवार को भी नहीं खत्म हुआ।
अगवा कर मौत के घाट उतारे गए उसके बेटे अंकित (12) के शव का पोस्टमार्टम तीसरे दिन भी नहीं हो सका। डीएनए टेस्ट से संबंधित औपचारिकताएं पूरी नहीं होने के चलते ऐेसा हुआ। संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद अब बुधवार को पोस्टमार्टम कराए जाने की बात कही जा रही है।
अंकित का शव मिर्जापुर के ड्रमंडगंज स्थित पहाड़ी से रविवार को बरामद किया गया था। अगवा कर उसकी हत्या की गई थी। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम मिर्जापुर में होना था। लेकिन कई दिन पुराना होने के कारण शव काफ ी गल गया था, जिसकी वजह से डीएनए टेस्ट कराने भी निर्णय लिया गया। डीएनए टेस्ट की सुविधा न होने के कारण ही डॉक्टरों ने शव को वाराणसी स्थित बीएचयू ले जाने की सलाह दी। जिसके बाद परिजन शव लेकर वाराणसी पहुंचे।
मंगलवार को तीन डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करने के इंतजार में बैठा रहा लेकिन मिर्जापुर पुलिस व सीएमओ की ओर से डीएनए सैंपल लेने संबंधित पत्र नहीं पहुंच सका। दोपहर बाद तक इंतजार करने के बाद डॉक्टरों ने मंगलवार को पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। जिसके बाद परिजनों को बताया गया कि पत्र मिलने के बाद बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।