प्रशासन की तमाम कोशिश के बावजूद नही बंद हो रहे चाइनीज मांझे
शासन-प्रशासन और पुलिस की निगरानी के बावजूद चाइनीज मांझे की बिक्री रुकने का नाम नहीं ले रही है। शहर में आए दिन लोग इसकी चपेट में आकर जख्मी हो रहे हैं। पुलिस सख्ती के बावजूद पतंगबाज धड़ल्ले से इसका उपयोग कर रहे हैं। शहर करेली, गौस नगर, काटजू रोड, रामबाग, कीडगंज क्षेत्र में आए दिन चाइनजी मांझे की चपेट में आकर बाइक सवार घायल हो रहे हैं। पिछले साल चाइनीज मांझे की चपेट में आने से एक युवक की मौत भी हो गई थी, जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
चार साल पहले चौफटका से कर्बला की तरफ आते समय स्कूटी सवार महिला चाइनीज मांझे की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी। यमुना पुल से शहर की तरफ आते समय पिता-पुत्र भी कुछ दिन पहले घायल हो गए थे। शहर में लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए सभी रेल ब्रिज पर व्यू कटर तक लगवा दिए गए, लेकिन फिर भी घटनाएं कम नहीं हो रही हैं।
होलसेल कारोबारियों पर हो कार्रवाई
करेली 60 फीट रोड निवासी मोहम्मद अबरार का कहना है कि चाइनीज मांझा बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा है। पुलिस की सख्ती के बाद कुछ दिन तक चोरी छिपे बेचा जाता है। उसके बाद फिर धड़ल्ले से बिक्री शुरू कर दी जाती है। प्रतिबंध के बावजूद होलसेल कारोबारी मंझे का व्यवसाय कर रहे हैं। थोक विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।मीरापुर निवासी मंचल गुप्ता का कहना है कि ऐसे जानलेवा मांझे की बिक्री पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।