फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ी

Fri, 20 May 2016 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
एसएससी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की ओर से 2011 में हुई सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी खाली पदों पर नियुक्ति देने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हैं। आमरण अनशन के चौथे दिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने पहुंचकर धरने का समर्थन किया। भीषण गर्मी 46 डिग्री से अधिक तापमान में धरने पर बैठे अभ्यर्थी परेशान रहे, उनकी मांगों की जानकारी करने प्रशासन एवं आयोग की ओर से कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों के बीमार पड़ने के बाद भी प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर विचार नहीं किए जाने से लोगों का गुस्सा भड़क रहा है।
विज्ञापन

एसएससी की ओर से 2011 में केंद्रीय सुरक्षा बलों बीएसएफ, एसएसबी, सीआरपीएफ, आइटीबीपी सहित कई अन्य पदों पर भर्ती के लिए पदों की घोषणा की गई थी। इन पदों केलिए चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ पद खाली रह गए थे। इसके बाद आयोग की ओर से सिपाही भर्ती परीक्षा 2012, 2013 एवं 2015 के लिए चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन परीक्षाओं के बाद अब अभ्यर्थी 2011 के खाली पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थी आमरण अनशन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें खाली पदों पर समायोजित किया जाए। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कृष्णा एवं योगेंद्र ने एसएससी प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गई तो गंभीर परिणाम होंगे। अनशन स्थल पर आमरण अनशन के समर्थन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं। इन अभ्यर्थियों को समाज से जुड़े लोगों का भी समर्थन मिल रहा है।
एसएससी मध्य क्षेत्र के निदेशक जेपी गर्ग ने बताया कि आयोग की ओर से 2011 केलिए चयन प्रक्रिया पूरी करके दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित मामले में अपनी ओर से रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है। ऐसे में इन अभ्यर्थियों की ओर से की जा रही मांग का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि बार-बार इन अभ्यर्थियों से उनकी मांग के बारे में आयोग के पक्ष को स्पष्ट कर दिया है। अब वह बुधवार को अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों से मिलकर उनकी मांगों के बारे में बात करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें