दसवार गांव में स्थित विपणन विभाग के हाटा गांव के नाम से संचालित धान क्रय केंद्र पर अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। करीब एक हजार क्विंटल धान की खरीद के बावजूद किसानों को अब तक भुगतान नहीं मिल सका है। तौल कराने के बाद भी पैसा खाते में न पहुंचने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
किसानों का आरोप है कि केंद्र पर एक व्यक्ति की मनमानी के चलते खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। हालात यह हैं कि कई किसानों का धान तौल के लिए भी नहीं लिया जा रहा, जबकि जिनकी तौल हो चुकी है, उनके फिंगरप्रिंट दर्ज नहीं किए जा रहे। इससे भुगतान प्रक्रिया ठप पड़ी है।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को बीडीओ मांडा अनीस अहमद ने दसवार स्थित हाटा क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। मौके पर किसानों ने बताया कि केंद्र तय समय सुबह नौ बजे के बजाय काफी देर से खुलता है, जिससे उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि क्रय केंद्र पर धान खरीद के बाद सुरक्षित भंडारण की कोई व्यवस्था नहीं है। आरोप है कि बाहरी हस्तक्षेप के कारण केंद्र प्रभारी और विपणन निरीक्षक प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं।
क्रय केंद्र प्रभारी एके गुप्ता ने बताया कि उन्हें एक साथ दो क्रय केंद्रों का प्रभार दिया गया है, जिससे संचालन प्रभावित हो रहा है। वहीं बीडीओ ने कहा कि जांच में कई खामियां पाई गई हैं। पूरे मामले की आख्या तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य विकास अधिकारी को भेजी जाएगी।