Famous Ghazal singer Chandan Das said, if the ghazal is over, life will end
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मशहूर गजल गायक चंदन दास कई वर्षों बाद प्रयागराज आए तो यहां से जुड़ीं यादें, मुलाकातें ताजा हो गईं। एक कार्यक्रम के सिलसिले में आए चंदन दास ने ‘अमर उजाला’ से खास मुलाकात में कहा, प्रयागराज तो सांस्कृतिक विरासत का शहर है, यहां आना हर बार अच्छा लगता है। अबकी जगजीत सिंह की याद में कार्यक्रम है, सो और भी सुखद है।
गजल के क्रेज के सवाल पर बोले, इसका क्रेज तो हर दौर में बरकरार रहा है। मौजूदा दौर में भी इसका क्रेज बना है। गजल कभी खत्म नहीं होगी क्योंकि इसमें जिंदगी की बातें हैं। अगर यह खत्म हो जाएगी तो जिंदगी खत्म हो जाएगी। गजल की ख्वाहिश है कि आप उसे सुनें और प्यार करें। हम तो यही देख रहे हैं कि गजल के सुनने, चाहने वाले हैं और हमेशा रहेंगे। इसमें कोई कमी नहीं आने वाली है। पहले सिर्फ आकाशवाणी और दूरदर्शन ही था, अब सोशल मीडिया का जमाना है। आप चाहें तो सिर्फ गजलें ही सुन सकते हैं।
बोले, अच्छा कलाकार बनने के लिए कोई शार्टकट नहीं चलेगा। चैनल रातोंरात भले ही स्टार बना दें लेकिन अगर टैलेंट नहीं है तो स्थायी शोहरत नहीं मिलेगी। इसके लिए तो निरंतर रियाज, मेहनत करनी होगी। नई पीढ़ी के लोगों से बस यही कहना है कि संगीत के साथ ही पढ़ाई-लिखाई भी जारी रहें। माता-पिता के सम्मान के साथ ही सफलता पर विनम्र रहें। खुद और संगीत से प्यार करें, तभी संगीत में निखार आएगा।