शासन ने फतेहपुर जिले में अवैध खनन को लेकर चार अफसरों को निलंबित कर दिया है लेकिन इलाहाबाद में खनन माफिया बेलगाम हैं। यहां के आधा दर्जन स्थानों के डेढ़ दर्जन घाटों पर खुलकर अवैध खनन किया जा रहा है लेकिन उनके खिलाफ र्कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिले के घूरपुर, मेजा, हंडिया, महिबा घाट और करेलाबाग इलाकेकेडेढ़ दर्जन घाटों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। डेढ़ महीने पहले डीएम सुहास एलवाई ने चार्ज लेने के एक सप्ताह बाद खनन करकेदूसरे स्थानों पर बालू से लदे ढाई सौ ट्रकों को पकड़ा था। जिसका असर एक सप्ताह तक तो रहा लेकिन बाद में सब कुछ पुराने ढर्रे पर आ गया।
घूरपुर के दो घाटों पर खनन रोकने को पीएसी तैनात की गई थी। लेकिन पीएसी की मौैजूदगी में डंपरों से खुलकर बालू का खनन किया जा रहा है। एक हफ्ते पहले एसपी यमुनापार और एडीएम प्रशासन ने इन इलाकों में छापामारी की थी। अफसरों के आने की सूचना उन्हें पहले ही मिल गई और सब कुछ ठीक करा दिया गया। यहां तक कि इन घाटों तक जाने वाले रास्ते को जेसीबी लगाकर खुदवा दिया गया था। बीरवल, कंजासा घाट पर भी पीएसी तैनात कर दी गई थी। अब स्थिति यह है कि पीएसी के जवान घाट के ऊपर सड़क और दुकानों पर बैठकर पहरा दे रहे हैं। माफिया दोनों घाटों पर नदी से बालू का खनन कर घाट पर डंप कर रहे हैं। जैसे ही उन्हें मौका मिलता है, वैसे ही बालू ठिकानों पर पहुुंचाई जा रही है।
वहीं दूसरी ओर रवन्ना बेचने वालों की चांदी है। निर्धारित से कई गुना ज्यादा दर पर रवन्ना खुले आम बिक रहा है। कई गुना ज्यादा दाम देकर रवन्ना लेने वालों के लिए यह छूट है कि एक रवन्ने पर दिनभर परिवहन कर सकते हैं। इस तरह से माफिया सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। मेजा के परानीपुर गंगा घाट पर गैर कानूनी तरीके से हो रहे बालू खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। खनन माफियाओं के होंसले बुलंद हैं। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने खनन माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई के लिए कई बार एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर भेजा लेकिन खनन माफिया ने खनन बंद नहीं किया। चौकी बगहा सहित कई घाटों पर गैर कानूनी तरीके से खनन का कार्य हो रहा है। पुलिस भी खनन माफिया की मदद कर रही है।