उप्र लोक सेवा आयोग की सहायक सांख्यिकी अधिकारी भर्ती में चयनित होने के लिए फर्जी प्रमाणपत्र लगाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि चार अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन मेें पीजीडीसीए का जाली प्रमाणपत्र लगाया। जांच के बाद आयोग की ओर से सिविल लाइंस थाने में चारों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
रिपोर्ट अनुभाग अधिकारी एसपी सिंह की तहरीर पर लिखी गई है। उन्होंने पुलिस को बताया है कि सहायक सांख्यिकी अधिकारी के 93 पदों पर चयन के लिए 2015 में भर्ती निकाली गई थी। जुलाई 2020 में पूर्व में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों से पुन: अनिवार्य अर्हता संबंधी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने को कहा गया।
इस दौरान चार ऐसे अभ्यर्थी मिले जिनके प्रथम एवं द्वितीय आवेदन में अनिवार्य कंप्यूटर अर्हता के संबंध में लगाए गए प्रमाणपत्र अलग-अलग थे। प्रथम आवेदन में इनकी ओर से पंजीकृत सोसाइटी के कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों से जारी और दूसरे आवेदन में महामाया टेक्रिकल यूनिवर्सिटी गौतमबुद्ध नगर से जारी पीजीडीसीए प्रमाणपत्र लगाया गया।
जांच में खुला मामला
अलग-अलग प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए जाने पर उक्त अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र की जांच एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी लखनऊ से कराई गई। जिस पर कुलसचिव की ओर से आख्या दी गई कि महामाया टेक्रिकल यूनिवर्सिटी का विलय एपीजे अब्दुल कलाम टेक्रिकल यूनिवर्सिटी में हो गया है। साथ ही यह भी बताया गया कि चारों अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत प्रमाणपत्र उक्त संस्थान से जारी नहीं किया गया है। पुलिस ने बताया कि तहरीर के आधार पर चारों अभ्यर्थियों पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।