इस तरह के नाम से बनाते हैं एप
एचडीएफसी वीआईपी, बीवाईबीआईटी, अडानी, फि्लिपकार्ट, ऑयल प्राॅफिट, डेफ्टर इंवेस्टमेंट, लिजार्ड रेस्ट, जोक्सा, एप स्बॉट, वीकिंग इंवेस्ट, स्विचो हेल्प, जीएसमैक्स समेत अन्य कई माेबाइल एप शामिल हैं। साइबर अफसरों ने बताया कि आए दिन नए-नए नाम से बने एप से लोगों को ठगा जा रहा है।
लिंक भेजकर कराते हैं डाउनलोड
साइबर पुलिस की जांच में सामने आया कि ज्यादातर एप को लिंक भेजकर डाउनलोड कराया जाता है। यह लिंक व्हाट्सएप टेलीग्राम, फेसबुक समेत अन्य सोशल प्लेटफॉर्म पर मुहैया करवाया जाता है। वहीं, यूपी पुलिस के साइबर सलाहकार राहुल मिश्रा ने बताते हैं कि जालसाज खुद ही इस तरह के एप को संचालित करते हैं।
इन बातों का रखे ख्याल
- किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
- सिर्फ उन्हीं एप में पैसा डालें, जिनके बारे में आप जानते हों
- किसी के कहने पर कोई एप को डाउनलोड करने से बचें
- इस तरह के एप में सिर्फ नाममात्र की रकम को निवेश करें
- ठगी का शिकार होने पर फौरन 1930 पर सूचित करें
केस-एक
शांतिपुरम के रहने वाले एम चक्रवती से जालसाजों ने निवेश के नाम पर जोक्सा नामक एप डाउनलोड करवाया। इसके बाद 20 लाख रुपये निवेश कराकर ठगी कर ली। जांच में पता चला कि लिंक के माध्यम से एप डाउनलोड करवाया गया था।
केस-दो
सेवानिवृत्त इंजीनियर ने साइबर पुलिस को बताया था कि डेफ्टर इंवेस्टमेंट के नाम से बने एप को डाउनलोड कराकर 20 लाख रुपये निवेश करवाया गया था। हालांकि,बाद में आरोपी के गिरफ्तार होने पर पता चला कि वह खुद ही इस एप को संचालित करता था।