बीमारी की चपेट में आए डीही गांव की पुष्पा देवी, श्यामलाल, रोहिणी, कोमल, उदयराज व सुमित को आनन फानन में परिजनों ने पास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराकर उपचार कराया। इसी तरह अयोध्या गांव की आंचल शुक्ला समेत कई अन्य लोग बीमार पड़ गए हैं। डील उसरी गांव निवासी श्रीनिवास, समलीपुर गांव के नितेश कुमार, शिकरो गांव की शर्मिला,अनमोल कुमार सोमवार सुबह से ही भर्ती हैं। देवघाट की रहने वाली शाम कुमारी मंगलवार की तीन बजे भोर अचानक बीमार पड़ गई, जिसे परिजनों ने तत्काल सीएससी में भर्ती कराया।
सीएचसी कोरांव में सभी बेड डायरिया से पीड़ित लोगों से भरे पड़े हैं। गांवों में स्वास्थ्य टीमें भेजकर ओआरएस पाउडर एवं क्लोरीन की गोलियों के साथ डीडीटी का छिड़काव कराया जा रहा है। इसी तरह हनुमानगंज पैतिहा, मझिगंवा, डील उसरी, करपिया, देवीबांध समेत कई अन्य गांवों में डायरिया के प्रकोप से लोग परेशान हैं। उन्हें सीएचसी लाकर उपचार कराया जा रहा है। अधीक्षक ने बताया कि जिन गांवों में स्वास्थ्य टीमें पहुंच रही हैं,उन गांवों के गंभीर रोगियों को एंबुलेंस से नजदीकी पीएचसी या फिर सीएचसी में भर्ती कराया जा रहा है।
प्रभावित गांवों में संक्रमण पर काबू पाने के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। जिले से एक टीम बुधवार को भेजी जाएगी। जल्द ही स्थिति नियंत्रण में कर ली जाएगी। - डॉ. आशु पांडेय, सीएमओ।
प्रधान -एएनएम पर उदासीनता बरतने का आरोप
स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए सख्त निर्देश का बावजूद, अभी तक किसी भी गांव में ग्राम प्रधानों व एएनएम ने कोई कवायद शुरू नहीं की है। इससे गांवों में तेजी से डायरिया फैल रहा है। डीही खुर्द के प्रधान मोहम्मद सद्दाम ने बताया कि कई दिनों से बारिश हो रही है। इससे कुओं और हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। संक्रमित पानी पीने से लोग उल्टी-दस्त के शिकार हो रहे हैं।