उधर, रात ढाई बजे के करीब एसआई अजीत कुमार ने सिविल लाइंस में नाबालिग के साथ युवक को संदिग्ध हालत में टहलते देख रोका तो वह हड़बड़ा गए। पूछताछ की गई तो युवक ने उसे अपनी बहन कहने के साथ ही बताया कि वह उसे लेकर घर जा रहा है, लेकिन जांच पड़ताल व पूछताछ में अलग-अलग समुदायों के होने की बात पता चलने पर दोनों संदेह के घेरे में आ गए। युवक से कड़ाई से पूछताछ में जो बातें सामने आईं उसे सुनकर पुलिसकर्मी स्तब्ध रह गए। उसने अपना नाम यूसुफ खान उर्फ आदित्य राज पुत्र अब्दुल करीम बताया।
यह भी बताया कि वह मूलरूप से कासगंज का रहने वाला है जो मौजूदा समय में लखनऊ स्थित एक कांच की फैक्ट्री में काम करता है। यह पूछने पर कि वह इतनी रात को किशोरी को लेकर कहां जा रहा है, वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जिसके बाद मामले की जानकारी दी गई तो नाबालिग की तलाश में जुटे एसआई मनोज कुमार यादव भी आ गए और फिर दोनों को झूंसी थाने ले जाया गया। वहां पूछताछ के बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
फेसबुक पर की थी दोस्ती
किशोरी से पूछताछ में पता चला कि उसकी आरोपी युवक से दोस्ती फेसबुक पर कई महीने पहले हुई थी। इसके बाद वह अक्सर बातें करने लगे। 26 दिसंबर की शाम वह उससे मिलने लखनऊ से आया था। दोनों झूंसी में ही मिले जिसके बाद उसने उसे अपने साथ ले जाने लगा। पुलिस ने बताया कि नाबालिग के अपहरण के आरोप में युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।