फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सक्लूसिवः करोड़ों की लाइन शिफ्टिंग में व्यापक गड़बड़ी

विज्ञापन
Exclusive: extensive disturbances in line shifting of crores
विज्ञापन
करोड़ों की लाइन शिफ्ंिटग में व्यापक गड़बड़ी
विज्ञापन

बिजली विभाग के विशेषज्ञों के रहते पीडीए से कराया गया काम, डाली गई अंडर साइज केबल
विद्युत सुरक्षा विभाग से लाइनों का परीक्षण कराए बिना कराया गया भुगतान, पीडीए से कार्य के हस्तांतरण कराने से बिजली विभाग का इंकार
अनूप ओझा
प्रयागराज। कुंभ केदौरान करोड़ों रुपये की लागत से पीडीए की ओर से कराए गए 33 केवी व 11 केवी लाइनों की शिफ्टिंग की गुणवत्ता में कमी व मानक की अनदेखी पाई गई है। काम बिजली विभाग से न कराकर पीडीए को दे दिया गया और कई जगह अंडर साइज केबल खानापूर्ति कर दी गई। इस मामले की शिकायत के बाद अधीक्षण अभियंताओं की दो सदस्यीय कमेटी ने जांच के नाम पर सब कुछ ओके बता दिया था, जबकि विद्युत सुरक्षा विभाग से इस कार्य का परीक्षण तक नहीं कराया गया। लाइनों के लोड न संभालने व ताबड़तोड़ जलने के बाद इसकी पोल खुलने लगी। कई खंडों के अवर अभियंताओं और एसडीओ ने कार्य के हस्तांतरण से इंकार कर दिया है। लाइन शिफ्टिंग का यह कार्य पीडीए ने कराया था।
कुंभ के दौरान अंडर ग्राउंड लाइनों की शिफ्टिंग का काम कराने से बिजली विभाग के इंकार केबाद इसकी जिम्मेदारी पीडीए को दी गई थी। अलग-अलग मार्गों पर अंडर ग्राउंड लाइनों की शिफ्टिंग केे साथ सड़क चौड़ीकरण-सुदृढ़ीकरण, पटरी व ड्रेन के कार्यों को मिलाकर इस पर 1.70 अरब, 58 लाख, 55 हजार रुपये आवंटित किए गए थे। इस दौरान विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग में जमकर अनदेखी की गई। 132 केवी कैंट उप केंद्र से चकिया तक डबल केबल की जगह सिंगल केबल डाल दी गई है। यह केबल लोड न लेने की वजह से महीने भर में 35 बार से अधिक जल चुकी है।
विज्ञापन

दारागंज के निकट निराला चौराहे पर 11 केवी मोरी फीडर की ओवरहेड लाइन हटाकर 3/70 एमएम की डबल सर्किट केबल डाली गई है। जबकि, इस फीडर पर 3/185 एमएस की केबल डाली जानी चाहिए थी। कार्य शुरू होने के समय रामबाग के एक्सईएन व फोर्ट रोड केएसडीओ ने पीडीए के एई, जेई को बताया भी लेकिन, अनदेखी कर दी गई। इसी तरह दारागंज रेलवे अंडर पास के बगल में जोनल पंपिंग स्टेशन के सामने 3/70 एमएम की केबल डाली गई है, जबकि लोड के अनुसार 3/185 एमएम की डबल सर्किट डाली जानी चाहिए थी। 11 केवी मोरी फीडर की सड़क के पार तक अंडर ग्राउंड डबल सर्किट में एक सर्किट क्षतिग्रस्त पाई गई थी। कई जगह ट्रांसफारमर भी कम क्षमता के लगा दिए गए हैं। अंडर ग्राउंड केबलिंग के अधिकतर कार्यों की मार्किंग न कराए जाने की भी शिकायत बिजली विभाग के अभियंताओं ने पीडीए के अधिशासी अभियंता(विद्युत एवं यांत्रिक) से की है।
विज्ञापन

लाइनों की शिफ्टिंग के कार्य का परीक्षण न कराना बेहद गंभीर है। इस संबंध में सहायक निदेशक(विद्युत सुरक्षा) ने भी लाइनों की शिफ्ंिटग में अनियमितता और मानक की अनदेखी से जुड़ी शिकायतों का संज्ञान लेने के लिए पत्र भेजा था। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषपूर्ण कार्यों केहस्तांतरण पर रोक लगाई जाएगी। ज्ञानेंद्र सिंह, उप निदेशक, विद्युत सुरक्षा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें