68500 सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में भूतपूर्व सैनिकों ने याचिका दाखिल कर आरक्षण दिए जाने की मांग की है। हाईकोर्ट ने याचिका पर राज्य सरकार और सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी से जवाब मांगा है। मुरादाबाद के सतीश कुमार की याचिका पर न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया सुनवाई कर रहे हैं।
याची का कहना है कि वह अन्य पिछड़ा वर्ग का भूतपूर्व सैनिक है। उसने बीटीसी के साथ ही टीईटी भी किया है। उसने सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा दी है। प्रदेश सरकार ने 1990 के शासनादेश में भूतपूर्व सैनिकों को क्षैतिज आरक्षण देने की व्यवस्था की है, इसके बावजूद याची को परीक्षा में असफल कर दिया गया। उसके आवेदन पर विचार नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने इस मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा की कट ऑफ मेरिट परीक्षा के बाद घोषित करने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने सुनवाई छह फरवरी तक टाल दी है। इस प्रकरण पर लखनऊ खंडपीठ भी सुनवाई कर रही है। लखनऊ खंडपीठ में अभी बहस जारी है। याचिका में कट ऑफ मेरिट सामान्य वर्ग की 65 और ओबीसी तथा एससीएसटी की 60 प्रतिशत करने को चुनौती दी गई है।
कहा गया है कि जिस शासनादेश से भर्ती की जा रही है उसमें कट ऑफ मेरिट का कोई प्रावधान नहीं है। इसी प्रकरण में एक अन्य याचिका रवि प्रकाश श्रीवास्तव व अन्य में प्रतीक्षा सूची घोषित करने की मांग की गई है। सचिव परीक्षा नियामक को कोर्ट ने बेहतर जानकारी के साथ हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है। अथॉरिटी का कहना है कि वह एनसीटीई की गाइड लाइन के मुताबिक परीक्षा करा रहे हैं। नियमों में उनको कोई दखल नहीं है। इस मामले में भी छह फरवरी को सुनवाई होगी।