जार्जटाउन में घर में घुसकर महिला से छेड़खानी की गई। विरोध पर हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी काफी वक्त से उन्हें परेशान कर रहा था और उन्होंने एक महीने पहले भी पुलिस से शिकायत की थी। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर बृहस्पतिवार को पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया, लेकिन इसमें भी खेल कर दिया।
जार्जटाउन थाने के पास घटना बुधवार दोपहर में हुई। महिला अधिवक्ता इसी इलाके में अपने माता-पिता, दो बहनों व छोटे भाई के साथ रहती हैं। उनका आरोप है कि एमजी मार्ग पर रहने वाला गौरव उपाध्याय काफी वक्त से उन्हें परेशान कर रहा था। बदनामी के डर से वह चुप रहीं। उसकी हरकतें बढ़ती गईं तो बीते 26 दिसंबर को रजिस्टर्ड डाक से जार्जटाउन पुलिस को शिकायत भेजी। लेकिन, पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। नतीजा यह हुआ कि आरोपी पर कोई असर नहीं हुआ। बुधवार दोपहर में वह फिर उनके घर पहुंच गया और छेड़खानी शुरू कर दी। विरोध पर हमला बोल दिया जिससे उनके चेहरे पर गंभीर चोट आई।
आरोप है कि उनके कपड़े भी फाड़ दिए। लहूलुहान हालत में पीड़िता अपने माता-पिता के साथ आरोपी के घर शिकायत लेकर पहुंचीं तो फिर मारपीट की गई। 100 नंबर पर सूचना दी गई तो पुलिस पहुंची। इसके बाद पीड़िता ने थाने पहुंचकर तहरीर दी जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में भी खेल कर दिया। मुकदमे में हत्या के प्रयास की धारा नहीं लगाई। जार्जटाउन पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर छेड़खानी व धमकाने समेत अन्य आरोपों में रिपोर्ट लिखी गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
पीड़ित वकील के परिचितों ने आरोप लगाया कि घर में घुसकर हमले के बाद भी पुलिस आरोपी को पकड़ने के प्रति गंभीर नहीं है। यही वजह रही कि आरोपी पुलिसवालों के सामने से भाग निकला। पीड़िता के परिचित अधिवक्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह एक बार फिर आरोपी उनके घर पहुंचा। उस वक्त जार्जटाउन थाने के दो दरोगा भी वहां मौजूद थे। इसके बावजूद वह आरोपी को पकड़ नहीं सके और पुलिस को देखते ही वह भाग निकला। पीड़िता ने बताया कि आरोपी लखनऊ में करोड़ों रुपये के फर्जी टेंडर निकालने के मामले में जेल जा चुका है।